गंगासरा नाड़ी में हुआ ऐतिहासिक श्रमदान, ग्रामीणों ने दिया जल संरक्षण का संदेशबायतु, 14 जून।
ज्येष्ठ अमावस्या के पावन अवसर पर गंगासरा नाड़ी, लाधाणियों की ढाणी में रविवार प्रातः सामूहिक साफ-सफाई एवं श्रमदान अभियान का सफल आयोजन किया गया।
अभियान की शुरुआत वॉट्सएप ग्रुप के माध्यम से जगमाल गोदारा के सूचना एवं आमंत्रण के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा एवं समाजसेवी एकत्रित हुए और नाड़ी की साफ-सफाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान नाड़ी परिसर में फैली गंदगी, मिट्टी एवं कचरे को हटाकर श्रमदान किया गया।
ग्रामीणों ने श्रमदान को समाज सेवा का श्रेष्ठ माध्यम बताते हुए जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया।इस अभियान को सफल बनाने में अनेक भामाशाहों एवं ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।
घंमडाराम गोदारा (श्री दर्शन होटल) द्वारा चाय की व्यवस्था की गई। दुर्गाराम (चौधरी टेंट हाउस) द्वारा पानी की टंकी सहित ट्रैक्टर की व्यवस्था की गई।
हरुराम सारण द्वारा 100 किलोग्राम मतीरों की व्यवस्था की गई। मगाराम बलियारा, देवाराम कोडेचा, जेठाराम गोदारा तथा भगवानराम गोदारा द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं कराली की व्यवस्था कर सहयोग दिया गया।
श्यामसिंह सिसोदिया द्वारा ठंडे पानी के कैम्पर की व्यवस्था की गई।अभियान में स्थानीय ग्रामीण मूलाराम, कवराराम, रामेश्वर, चम्पालाल, घमंडाराम, अजयपाल, गणपत, मोहनलाल, भेराजराम,प्रेम प्रकाश, तपेश, जितेंद्रसिंह, ओमप्रकाश , भंवरलाल, रमेश सहित अनेक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर श्रमदान किया।गणपत कोडेचा ने कहा कि जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई एवं संरक्षण समय की आवश्यकता है।
ऐसे सामूहिक प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि समाज में एकता, सहयोग एवं जनजागरण का भी संदेश देते हैं।
जगमाल गोदारा ने कार्यक्रम के अंत में सभी सहयोगियों, भामाशाहों एवं श्रमदानियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।




