शिव विधानसभा को बड़ी सौगात, तीन नए नलकूपों की स्वीकृति से पेयजल संकट होगा दूर
शिव विधानसभा क्षेत्र को बड़ी सौगात: तीन नए नलकूपों की मिली स्वीकृति, पेयजल संकट से मिलेगी राहत
बाड़मेर। शिव विधानसभा क्षेत्र के जल संकटग्रस्त गांवों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने तीन नए नलकूपों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दिलवाई है।
इससे आने वाले समय में हजारों ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के माध्यम से जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में नए नलकूपों की स्वीकृति सुनिश्चित करवाई है।
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आमजन को जल्द राहत मिल सके।
इन स्थानों पर लगाए जाएंगे नए नलकूप
गडरारोड पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत निम्न स्थानों को नलकूप स्थापना के लिए चिन्हित किया गया है—- ग्राम पंचायत बीजावल के गडस (हाफिया) क्षेत्र में- ग्राम पंचायत बीजावल के समंद का पार क्षेत्र में- ग्राम पंचायत कुबड़िया में नागणेचिया माता मंदिर (खेताबा धाम) के समीप.
1000 फीट तक खुदाई का प्रस्ताव
विधायक भाटी ने विभाग को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि इन क्षेत्रों में भूगर्भीय जल काफी गहराई पर उपलब्ध होता है।
ऐसे में नलकूपों की सफल स्थापना और पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम 1000 फीट गहराई तक खुदाई की स्वीकृति देने का प्रस्ताव रखा गया है।
लंबे समय से जल संकट से जूझ रहा है क्षेत्र
सीमावर्ती शिव विधानसभा क्षेत्र के कई गांव वर्षों से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।
गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
ऐसे में तीन नए नलकूपों की स्वीकृति स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर फोकस
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर लगातार सक्रिय हैं।
वे जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए नलकूपों की स्थापना से क्षेत्र की पेयजल समस्या में काफी हद तक सुधार होगा।




