पर्यटन के क्षेत्र में सीकर ने रचा नया रिकॉर्ड, जयपुर को पीछे छोड़ बना राजस्थान का सबसे पसंदीदा ठिकाना
सीकर। राजस्थान की पहचान लंबे समय से जयपुर के महलों, उदयपुर की झीलों, जैसलमेर के रेगिस्तान और जोधपुर के किलों से जुड़ी रही है। लेकिन अब प्रदेश के पर्यटन मानचित्र में सीकर तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। ताजा पर्यटन आंकड़ों ने सीकर को घरेलू पर्यटकों की पसंद के मामले में प्रदेश के कई बड़े शहरों से आगे खड़ा कर दिया है।
जनवरी से जून 2026 के बीच सीकर में करीब 1.56 करोड़ घरेलू पर्यटक विजिट दर्ज की गईं। इस आंकड़े के साथ सीकर घरेलू पर्यटन के मामले में राजस्थान में पहले स्थान पर पहुंच गया। इसी अवधि में चित्तौड़गढ़ करीब 1.34 करोड़ पर्यटक विजिट के साथ दूसरे और जैसलमेर करीब 1.18 करोड़ विजिट के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं जयपुर में लगभग 81.49 लाख घरेलू पर्यटक विजिट दर्ज हुईं।T

खाटूश्यामजी बना पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत
सीकर की इस कामयाबी के पीछे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका धार्मिक पर्यटन की मानी जा रही है। जिले में स्थित खाटूश्यामजी धाम देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र बन चुका है। सालभर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे सीकर के पर्यटन कारोबार को लगातार मजबूती मिल रही है।
हालांकि सीकर की लोकप्रियता केवल खाटूश्यामजी तक सीमित नहीं है। जिले और आसपास के शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियां, भित्तिचित्र, धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत भी पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। इसी वजह से यहां धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।

सीकर के आंकड़े राजस्थान में पर्यटन की बदलती दिशा की ओर भी इशारा करते हैं। पहले विदेशी पर्यटकों के बीच जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे शहर अधिक लोकप्रिय रहे हैं, लेकिन घरेलू पर्यटकों की पसंद में धार्मिक और क्षेत्रीय पर्यटन केंद्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
पूरे राजस्थान में जनवरी से जून 2026 के दौरान करीब 10.92 करोड़ पर्यटक विजिट दर्ज की गईं। इनमें घरेलू पर्यटकों की संख्या सबसे बड़ी रही। वहीं विदेशी पर्यटकों के मामले में जयपुर अब भी प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र बना हुआ है।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दिखाई देता है। होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट, टैक्सी, स्थानीय दुकानदार, प्रसाद और हस्तशिल्प से जुड़े कारोबार को पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से फायदा मिल रहा है।
अगर सीकर में पर्यटन सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, ठहरने की बेहतर व्यवस्था और प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले सर्किट पर आगे काम होता है, तो पर्यटकों की संख्या के साथ-साथ उनके ठहरने की अवधि भी बढ़ सकती है।
आगे और बढ़ सकती है सीकर की पहचान
सीकर की यह उपलब्धि बताती है कि राजस्थान का पर्यटन अब केवल पारंपरिक शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। धार्मिक आस्था, शेखावाटी की विरासत और स्थानीय संस्कृति मिलकर सीकर को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
आने वाले समय में अगर जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर तरीके से विकसित और प्रचारित किया जाता है, तो सीकर राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। फिलहाल घरेलू पर्यटकों की संख्या के मामले में जयपुर को पीछे छोड़ना सीकर के लिए पर्यटन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
REPORTING ; MOTI JANGID

