BRICS सम्मेलन से पहले PM मोदी और पुतिन की अहम मुलाकात, भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने पर जोर!
नई दिल्ली। भारत में होने वाले BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। बातचीत में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल रहे।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और राजधानी दिल्ली में समूह के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी के बीच सम्मेलन को लेकर गतिविधियां तेज हैं।

रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा
बैठक के दौरान भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। दोनों देशों के संबंधों में रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।रूस भारत के प्रमुख ऊर्जा साझेदारों में शामिल है। हाल के महीनों में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार से जुड़ी चुनौतियों के बीच दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग का महत्व और बढ़ गया है।

वैश्विक संघर्षों पर भी हुई बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिम एशिया तथा काला सागर क्षेत्र में चल रहे संघर्षों के प्रभाव पर भी विचार साझा किए। इन संघर्षों का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, समुद्री परिवहन और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।भारत ने लगातार यह रुख रखा है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। बैठक में भी संवाद और शांतिपूर्ण समाधान के महत्व पर जोर दिया गया।
व्यापार बढ़ाने की तैयारी
भारत और रूस के बीच आर्थिक संबंधों को आने वाले वर्षों में और विस्तार देने की योजना है। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक करीब 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।बैठक के बाद दोनों नेताओं ने भारत-रूस औद्योगिक प्रदर्शनी का भी दौरा किया। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विमानन, अंतरिक्ष, परमाणु विज्ञान, भारी इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी तकनीकों को प्रदर्शित किया गया।
भारत में होने वाले BRICS सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समूह में अब 11 सदस्य देश शामिल हैं और भारत इस वर्ष इसकी अध्यक्षता कर रहा है।

BRICS बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग, वैश्विक व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में मोदी-पुतिन की मुलाकात को भारत की विदेश नीति और रूस के साथ संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति को तमिल भाषा के प्रसिद्ध प्राचीन ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भी भेंट किया। इससे दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को भी प्रदर्शित करने का संदेश गया।
REPORTING ; MOTI JANGID

