जयपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) को लेकर राजस्थान सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इस संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से प्रदेश के समस्त जिला कलेक्टरों को पत्र जारी किया गया है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में ऐसे पात्र परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाना है, जो अभी भी पक्के मकान से वंचित हैं। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवास निर्माण के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

जिला स्तर पर शुरू होगी प्रक्रिया
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जारी निर्देशों के बाद जिला स्तर पर योजना से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। संबंधित अधिकारी पात्र परिवारों की पहचान, उपलब्ध रिकॉर्ड और योजना से जुड़े आंकड़ों की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई करेंगे।
योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। पात्र परिवारों से संबंधित जानकारी का सत्यापन किए जाने के बाद नियमानुसार लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
राजस्थान में PMAY-G के लिए बजट प्रावधान
राजस्थान सरकार के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट दस्तावेज में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए करीब 5,472 करोड़ रुपये का कुल प्रावधान दर्ज है। इससे ग्रामीण आवास योजना को प्रदेश में दिए जा रहे महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरकार का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं को मजबूत करने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने पर है।

किन परिवारों को मिल सकता है लाभ?
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के पात्र और आवास से वंचित परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। लाभार्थियों का चयन सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता एवं सर्वे/डेटा के आधार पर किया जाता है।
इसलिए केवल आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि संबंधित परिवार का योजना के निर्धारित मानकों पर पात्र होना और सरकारी प्रक्रिया में उसका नाम शामिल होना जरूरी है।
लाभार्थियों को क्या करना चाहिए?
जिन ग्रामीण परिवारों ने आवास योजना के लिए सर्वे कराया है या जो योजना के संभावित पात्र लाभार्थी हैं, उन्हें अपने ग्राम पंचायत कार्यालय या संबंधित विभागीय अधिकारियों से योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते रहना चाहिए।राजस्थान सरकार का ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग योजना से जुड़े कार्यों और प्रगति की निगरानी के लिए ऑनलाइन सिस्टम भी संचालित करता है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को लेकर राजस्थान में प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। जिला कलेक्टरों को जारी पत्र के बाद अब जिला और पंचायत स्तर पर योजना से संबंधित कार्रवाई को गति मिलने की उम्मीद है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के पात्र परिवारों के लिए यह योजना पक्का घर पाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।
REPORTING; MOTI JANGID

