बाड़मेर: बालोतरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक मोची जुती बनाकर मुश्किल से दस पंद्रह हजार कमाता है उन्हें जीएसटी का भारी भरकम बील थमा दिया गया
बाड़मेर। बालोतरा जिले के गुड़ामालानी के जीनगर मोहल्ला निवासी जितेंद्र कुमार, जो चमड़े की पारंपरिक जूतियां बनाकर हर महीने करीब ₹15 हजार कमाते हैं, उन्हें अचानक ₹6.79 करोड़ के जीएसटी बकाया का नोटिस मिल गया। नोटिस मिलने के बाद परिवार पर मानो मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। जितेंद्र ने बताया कि उनका बैंक खाता बंद हो गया था। जब वह 25 जुलाई को एसबीआई शाखा पहुंचे तो बैंक कर्मचारियों ने 28 जुलाई को आने के लिए कहा। दोबारा बैंक पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि जीएसटी बकाया होने के कारण उनका खाता फ्रीज किया गया है और उन्हें करोड़ों रुपये का नोटिस थमा दिया गया।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जितेंद्र की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक कमरे का घर बनवा रहे हैं और निर्माण कार्य के चलते परिवार फिलहाल अपने भाई के घर रह रहा है। उनके घर में सिर्फ जरूरी घरेलू सामान ही है। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कभी इतना बड़ा कारोबार नहीं किया और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उनके नाम पर इतना बड़ा जीएसटी बकाया कैसे दर्ज हो गया। उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत गुड़ामालानी थाने में दी है।
पुलिस ने उन्हें साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। अब मामले की जांच के बाद ही इस करोड़ों रुपये के नोटिस की सच्चाई सामने आ सकेगी।


