जयपुर: ज्वैलरी कारखाने से 11 किलो चांदी और सोने के आभूषण चुराए, मुख्य सरगना, प्रेमिका और साला गिरफ्तार
राजधानी जयपुर के खोरा बीसल थाना इलाके में बिल्यूवास गांव में ज्वैलरी कारखाने में चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य आरोपी, उसकी प्रेमिका और उसका मुंह बोला साला शामिल है. पुलिस ने चुराया गया गया माल भी बरामद कर लिया है. आरोपियों के खिलाफ पहले भी चोरी और नकबजनी के कई मुकदमें दर्ज है. आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है. जिससे कई और वारदातों के बारे में अहम सुराग मिलने की संभावना है.जयपुर (पश्चिम) डीसीपी प्रशांत किरण ने रविवार को बताया कि बिल्यूवास निवासी लालचंद स्वामी के ज्वैलरी कारखाने से बड़ी मात्रा में चांदी के बर्तन व आभूषण और सोने के आभूषण चुराने के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी राजू गवारिया, उसके मुंहबोले साले लोकेश गवारिया और महिला मित्र इंद्रा वर्मा को गिरफ्तार किया है.

इनके कब्जे से 11 किलो चांदी के आभूषण, चांदी के बर्तन, चांदी की सिल्ली के टुकड़े और आभूषण बनाने के काम आने वाले मैटेरियल जब्त किया गया है.
सीसीटीवी फुटेज से पहचान कर रखी नजर: उन्होंने बताया कि वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और वारदात को अंजाम देने वाले चोरों का हुलिया जुटाया. इसके आधार पर संदिग्ध लोगों की निगरानी शुरू की. नकबजनी के पहले के मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से भी पुलिस ने पूछताछ की. पुलिस ने जहाजपुर (भीलवाड़ा) निवासी राजू गवारिया उर्फ राजकुमार उर्फ राजा और उसके साथी लोकेश को संदिग्ध हालत में एक पार्क से हिरासत में लिया. पूछताछ में उन्होंने एक महिला के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की. महिला मित्र के किशनबाग (जयपुर) स्थित घर से चुराया गया सामान बरामद किया.
वारदात के बाद पार्क जाते, महिला ले जाती सामान: जांच में सामने आया कि आरोपी लोकेश गवारिया पैदल गलियों में घूमता और सूने मकानों की रैकी करता. जिन मकानों में ताले लगे मिलते. उनमें रात को नकबजनी की वारदात को अंजाम देता. वह अपने साथी राजू के साथ वारदात को अंजाम देने के बाद किसी पार्क या फुटपाथ पर जाते. जहां महिला आकर चोरी का माल अपने साथ ले जाती और लोकेश वहीं लेट जाता. पुलिस या किसी व्यक्ति के टोकने पर वे नशे में होने का नाटक करते. पहले भी कई बार उसे पुलिस ने टोका, तो वह नशे की हालत में होने का नाटक करता. वारदात के बाद वह ऑटो या अन्य साधन से विद्याधर नगर स्थित पार्क में जाता. जहां से महिला चोरी का सामान ले जाती.
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज है 15 मुकदमे: पड़ताल में सामने आया है कि लोकेश गवारिया शातिर किस्म का नकबजन है. उसके खिलाफ जयपुर के हरमाड़ा, मुहाना, सांगानेर, मानसरोवर, शिप्रापथ और गलता गेट थाने के अलावा देवली (टोंक) थाने में भी चोरी और नकबजनी के मुकदमे दर्ज है. पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी है. उन्होंने कुछ चांदी पिघलाने का भी प्रयास किया. जिसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया है. इस वारदात का खुलासा करने में खोरा बीसल थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई रणसिंह, कांस्टेबल शीशराम, रामसिंह, राकेश कुमार, गुरुदयाल, मीना, तकनीकी शाखा के कांस्टेबल राजमहेंद्र, मुकुट बिहारी और सुरेश की अहम भूमिका रही.
मालिक गांव गया, पीछे से की वारदात: उन्होंने बताया, 27 जुलाई को लालचंद स्वामी ने खोरा बीसल थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था. वह अपने घर में ही चांदी-सोने के आभूषण बनाने का कारखाना चलाते है. वह 25 जुलाई को अपने गांव गए थे. रात को मकान के पीछे बने कारखाने से करीब 11 किलो चांदी और चांदी से बने सामान चोरी हो गए. चोर करीब 30 ग्राम सोने के आभूषण भी ले गए. वह वापस आए, तो मकान के ताले टूटे हुए थे और सोना-चांदी और इनसे बने आइटम गायब थे. पुलिस ने उनकी रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की.

