जयपुर: जालोर के लिए खुशखबर, जिले में लगेगी अनार प्रोसेसिंग यूनिट, अब किसानों की होगी खूब कमाई
जालोर अनार की बंपर पैदावार के रूप में खास पहचान बनाने वाले जालोर जिले के किसानों को अब इससे जुड़े अन्य उत्पाद तैयार करने के लिए भी बड़ा विकल्प मिलेगा। जालोर जिले में केशवना कृषि विज्ञान केंद्र में अनार के लिए कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर का निर्माण होगा। जहां अनार की प्रोसेसिंग यूनिट होगी। जिससे अनार के फल से आधारित विभिन्न प्रोडक्ट तैयार किए जाएंगे। प्रदेश में अनार आधारित अन्य प्रोडक्ट बनाने के लिए यह पहला बड़ा प्रयास है। खास बात यह है कि जालोर जिले के जीवाणा क्षेत्र में अनार की बंपर पैदावार होती है और यहां से अनार गल्फ कंट्री तक जाता है।वही दूसरी तरफ जिस अनार की बिकवाली नहीं हो पाती, उसका नुकसान किसानों को भुगतना पड़ता है। अब अनार आधारित अन्य प्रोडक्ट तैयार करने का विकल्प किसानों को मिलेगा। जिससे हर कैटेगरी की अनार से किसानों को नफा मिलेगा। पहले केवल बेहतर क्वालिटी की अनार से ही किसानों को मुनाफा होता था।

केशवना में 5 हजार स्क्वायर फीट में होगा निर्माण: जालोर जिले के केशवना में 5 हजार स्क्वायर फीट में अनार के लिए कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर का निर्माण होगा। यहां भवन निर्माण और लैब की स्थापना पर 75 लाख रुपए खर्च होंगे। जबकि 1.25 करोड़ रुपए की लागत से प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़ी मशीनरी और संसाधनों की खरीद होगी। लैब में प्रोसेसिंग यूनिट में विभिन्न प्रोडक्ट तैयार होंगे। अनार की सोर्टिंग, ग्रेडिंग भी हो सकेगी।

पंच गौरव के तहत एक जिला एक उपज प्रोजेक्ट: प्रदेश के 7 जिले में 2 करोड़ से अधिक लागत से संबंधित जिले की प्रमुख फसल के लिए प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना होगी। यह राशि राजस्व मंडल राजस्थान में पूल बजट के माध्यम से किया जा रहा है। जिला कलक्टर इस पूल बजट में से नियमानुसार पंच गौरव कार्यक्रम अंतर्गत चयनित ‘एक जिला एक उपज’ के लिए निर्धारित राशि की सीमा तक व्यय करवाएंगे।

जालोर में अनार की यूनिट: जालोर जिले में पिछले 5 साल में अनार का उत्पादन काफी ज्यादा बढ़ा है। 5 हजार हैक्टेयर क्षेत्र से अधिक में जिले में अनार का प्रोडक्शन हो रहा है। अनार का निर्यात तो बदस्तूर जारी है, लेकिन अनार आधारित कोई भी खाद्य पदार्थ, पेय पदार्थ, औषधि का निर्माण नहीं हो रहा है। अक्सर जो अनार निर्यात नहीं हो पाता है वह खराब हो जाता है। अब अनार आधारित अन्य प्रोडक्ट भी प्रोसिंग यूनिट में तैयार करने का विकल्प मिलेगा।

प्रदेश के 7 जिलों को मिली स्वीकृतियां: जिला – प्रोसेसिंग यूनिटजालोर – अनार के लिए कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरचितौडगढ़ – सीताफल उत्कृष्टता केंद्रजैसलमेर – खजूर के लिए कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरझालावाड़ – संतरे के लिए कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरजयपुर – आंवला मदर ब्लॉक, शेडनेट हाउस, वर्मी कम्पोस्ट इकाईअजमेर – गुलाब के लिए कॉमन इनक्यूबेशन सेंटरबारा – लहसुन के लिए कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर।

अनार के लिए जालोर जिला चयनित: पंच गौरव के तहत ‘एक जिला एक उपज’ में जालोर जिले से अनार को चयनित किया गया था। जालौर जिले में अनार के लिए कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर का निर्माण होगा। इसमें अनार की प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग, सोर्टिंग व अनार आधारित प्रोडक्ट के लिए प्रक्रियाएं होंगी।उत्तमसिंह, सहायक अभियंता, कृषि विपणन बोर्ड सुमेरपुर

