जयपुर, 31 अगस्त 2026।

उदयपुर में एवीवीएनएल के जेईएन को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा,
ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. उदयपुर इकाई द्वारा आज कार्रवाई करते हुए आरोपी श्री सागर मीणा, जेईएन, एवीवीएनएल ऑफिस देबारी, उदयपुर को परिवादी से 10,000 रुपये रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस श्री गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ए.सी.बी. उदयपुर को एक शिकायत इस आशय की प्राप्त हुई कि परिवादी के गांव खाम की मादड़ी स्थित निर्माणाधीन मकान पर घरेलू विद्युत कनेक्शन करने की एवज में श्री सागर मीणा, जेईएन, एवीवीएनएल ऑफिस देबारी, उदयपुर द्वारा रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है।
परिवादी ने कार्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उदयपुर में शिकायत प्रस्तुत की कि उसके निर्माणाधीन मकान पर घरेलू विद्युत कनेक्शन की आवश्यकता होने पर उसने ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके पश्चात दिनांक 18.08.2026 को आरोपी श्री सागर मीणा, जेईएन एवं लाइनमैन प्रेमजी द्वारा मौके पर पहुंचकर सर्वे किया गया तथा विद्युत कनेक्शन के लिए डीपी एवं पोल लगाए जाने की आवश्यकता बताई गई।
परिवादी के अनुसार आरोपी श्री सागर मीणा, जेईएन ने सरकारी डिमांड राशि के अतिरिक्त 35,000 रुपये खर्चा-पानी के रूप में देने की मांग की। इस संबंध में परिवादी अपने मित्र के साथ आरोपी से मिला। बातचीत के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत राशि कम करते हुए 15,000 रुपये रिश्वत राशि की मांग की गई तथा कहा गया कि जब तक राशि नहीं दी जाएगी, तब तक फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।
परिवादी की शिकायत के संबंध में रिश्वत राशि मांग का सत्यापन करवाया गया, जिसमें आरोपी श्री सागर मीणा, जेईएन द्वारा रिश्वत राशि की मांग की पुष्टि हुई।
मांग सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा अपने कार्यालय में परिवादी से विद्युत कनेक्शन के लिए 5,000 रुपये रिश्वत राशि प्राप्त कर ली गई तथा शेष 10,000 रुपये बाद में लेना तय किया गया।
जिस पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उप महानिरीक्षक पुलिस, डॉ रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण में श्री अनन्त कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उदयपुर के निर्देशन में श्री रामसुमेर मीणा, पुलिस निरीक्षक मय टीम द्वारा ट्रेप कार्रवाई आयोजित की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी को अपने कार्यालय में परिवादी से शेष 10,000 रुपये नकद रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
ए.सी.बी. की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक श्रीमती एस. परिमला के पर्यवेक्षण में आरोपी श्री सागर मीणा के उदयपुर एवं बांसवाड़ा स्थित आवासीय मकान एवं फ्लैट की सघन तलाशी के साथ-साथ आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। ए.सी.बी. द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में प्रकरण ( अभियोग, प्राथमिक जांच, आदि) दर्ज होने पर , ACB से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष/स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जा सकता है
प्रस्तुत स्पष्टीकरण के ACB द्वारा विस्तृत विश्लेषण के उपरांत ही अनुसंधान में निर्णय लिया जाना ACB की कार्य प्रणाली का हिस्सा है
यह जानकारी एसीबी के डर से धोखाधड़ी आदि के शिकार होने की संभावना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री नम्बर 1064 एवं व्हाट्सएप हेल्पलाईन नम्बर 9413502834 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एसीबी आपके वैध कार्य को करवाने में पूरी सहायता करेगी।
रिपोर्टिंग: हरीश

