IIT Delhi Student Death: छात्र की मौत के बाद उठे गंभीर सवाल, जांच के लिए बनी बाहरी समिति
नई दिल्ली: IIT Delhi में MSc Physics के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद संस्थान में छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। बढ़ते दबाव के बीच IIT Delhi प्रशासन ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय External Inquiry Committee गठित की है।

कैंपस में हुई छात्र की मौत
जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त 2026 की सुबह IIT Delhi के Lecture Hall Complex में 31 वर्षीय ऋषिकेश कुमार मृत पाए गए। प्रारंभिक पुलिस जांच के मुताबिक वह इमारत की छठी मंजिल से नीचे गिरे थे।घटना की सूचना मिलने के बाद उन्हें संस्थान के कैंपस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब तक घटनास्थल से किसी Suicide Note के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है।ऋषिकेश कुमार IIT Delhi में MSc Physics की पढ़ाई कर रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने IIT JAM परीक्षा में All India Rank 40 हासिल की थी। वह मूल रूप से बिहार के पटना से थे।बताया जाता है कि पढ़ाई के दौरान वह ट्यूशन भी पढ़ाते थे। उनके परिचितों के अनुसार उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए काफी मेहनत की थी।

घटना के बाद IIT Delhi के छात्रों ने संस्थान की छात्र सहायता व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि ऋषिकेश को हॉस्टल और पढ़ाई से संबंधित कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था।छात्रों और परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि उनकी मानसिक स्थिति को लेकर संस्थान को पहले से जानकारी थी और इस स्थिति में उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच अभी जारी है। IIT Delhi प्रशासन ने अपनी ओर से छात्र को उपलब्ध कराई गई counselling और medical support से संबंधित जानकारी भी सामने रखी है।

छात्रों ने किया प्रदर्शन
ऋषिकेश की मौत के बाद 24 अगस्त को IIT Delhi कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्र कल्याण व्यवस्था में सुधार, शिकायतों के बेहतर समाधान और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को मजबूत करने जैसी मांगें भी उठाईं। विरोध के चलते उस दिन संस्थान की निर्धारित कक्षाएं भी प्रभावित हुईं।छात्रों की ओर से ऋषिकेश के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग भी रखी गई।
IIT Delhi ने गठित की 5 सदस्यीय समिति
मामले को गंभीरता से लेते हुए IIT Delhi प्रशासन ने 5 सदस्यीय बाहरी जांच समिति बनाने का निर्णय लिया है। समिति में पूर्व पुलिस अधिकारी अशोक कुमार, AIIMS Delhi के Psychiatry Department से जुड़े प्रोफेसर प्रताप शर्मा, छात्र प्रतिनिधियों और संस्थान के अधिकारियों को शामिल किया गया है।समिति का उद्देश्य घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करना है। इसमें छात्र सहायता व्यवस्था, संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की समीक्षा की जाएगी।IIT Delhi ने ऋषिकेश के परिवार को सहायता देने की भी घोषणा की है। संस्थान के अनुसार मेडिकल खर्चों की प्रतिपूर्ति के साथ-साथ Benevolent Fund के जरिए भी परिवार की मदद की जाएगी।इसके अलावा छात्रों और संस्थान से जुड़े लोगों के स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से परिवार के लिए सहायता राशि जुटाने की बात भी कही गई है।




