दिल्ली में मणिपुर के रिटायर्ड म्यूजिक टीचर की ह*त्या, शोर का विरोध करना पड़ा भारी!
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी इलाके में मणिपुर के रहने वाले रिटायर्ड म्यूजिक टीचर और मशहूर संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर ह*त्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद उनके घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे को लेकर शुरू हुआ था। घटना के बाद इलाके में तनाव और लोगों में आक्रोश का माहौल है।
घर के बाहर हो रहे शोर को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, रविवार रात किलोकरी गांव में विक्रम सिंह अपने घर से नीचे आए थे। उनके घर के आसपास कुछ लोग कथित तौर पर काफी शोर कर रहे थे। विक्रम सिंह ने उन्हें शोर कम करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर उनके और वहां मौजूद लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ लोग विक्रम सिंह का पीछा करते हुए उनके घर तक पहुंच गए और उनके साथ मारपीट करने लगे। शोर सुनकर परिवार के सदस्य बाहर आए तो हमलावर मौके से भाग गए। गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह को उनके बेटे ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान चली गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की पहचान की। पुलिस के मुताबिक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों में कुछ लोग ढाबों पर काम करने वाले कर्मचारी बताए जा रहे हैं।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद किस तरह बढ़ा और मारपीट में किस-किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी।
कौन थे विक्रम सिंह?
चोंगथम विक्रम सिंह केवल म्यूजिक टीचर ही नहीं, बल्कि मणिपुर के संगीत जगत से जुड़े जाने-माने कलाकार भी थे। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने मणिपुर के रॉक म्यूजिक सीन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और वे Phoenix बैंड के लीड गिटारिस्ट रह चुके थे। बाद में उन्होंने दिल्ली में संगीत शिक्षा के क्षेत्र में काम किया।
उनकी मौत से संगीत जगत और मणिपुरी समुदाय में गहरा दुख है। परिवार और परिचितों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

घटना के बाद निकाला गया कैंडल मार्च
विक्रम सिंह की मौत के बाद मणिपुरी समुदाय के लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।नॉर्थ ईस्ट से जुड़े संगठनों ने भी घटना की निंदा करते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच करने की मांग की है।
नस्लीय भेदभाव के आरोपों पर भी उठे सवाल
घटना के बाद परिवार की ओर से यह आरोप भी सामने आया कि विक्रम सिंह के साथ कथित तौर पर नस्लीय भेदभाव किया गया। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में किसी नस्लीय मकसद की पुष्टि नहीं हुई है और जांच अभी जारी है। इसलिए इस पहलू पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इस घटना ने दिल्ली में पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
REPROTING ; MOTI JANGID

