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बूंदी में 15 लाख की साइबर ठगी का मामला: 8 महीने से फरार महिला हैदराबाद से गिरफ्तार

बूंदी। राजस्थान के बूंदी जिले में साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 15 लाख रुपये की साइबर ठगी के प्रकरण में पिछले आठ महीने से फरार चल रही महिला आरोपी को बूंदी साइबर पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान कोडीपल्ली ज्योति के रूप में हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा बताया गया है।

साइबर ठगी से जुड़े इस मामले में महिला आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थी। पुलिस लगातार उसकी तलाश और तकनीकी स्तर पर जानकारी जुटाने में लगी हुई थी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची और उसे हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया।आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले में उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि ठगी की रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया और इस पूरे मामले में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

एसपी के निर्देशन में साइबर पुलिस की कार्रवाई

यह कार्रवाई एसपी अवनीश कुमार शर्मा के निर्देशन में की गई। बूंदी साइबर पुलिस थाना की टीम ने विशेष साइबर अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को ट्रेस किया।पुलिस की लगातार कार्रवाई से यह संकेत भी मिलता है कि साइबर अपराध के मामलों में आरोपी चाहे दूसरे राज्य में जाकर छिप जाएं, लेकिन तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए उन तक पहुंचने का प्रयास जारी रहता है।

15 लाख की ठगी ने बढ़ाई चिंता

साइबर अपराध के इस मामले में करीब 15 लाख रुपये की रकम से जुड़ी ठगी सामने आई है। इतनी बड़ी रकम की ऑनलाइन ठगी यह बताती है कि साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाने के लिए लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।आजकल बैंकिंग, निवेश, सोशल मीडिया और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े मामलों में जालसाज अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, PIN, बैंक डिटेल या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है।

बूंदी पुलिस ने आमजन से साइबर ठगी के मामले में देरी नहीं करने की अपील की है। अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो उसे तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करनी चाहिए। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को ट्रेस या होल्ड कराने की संभावना बढ़ सकती है।पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध कॉल पर बैंकिंग जानकारी देने या बिना सत्यापन के किसी व्यक्ति को ऑनलाइन पैसे भेजने से बचें।

साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई

बूंदी पुलिस की यह कार्रवाई जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान की कड़ी के रूप में सामने आई है। पुलिस का फोकस ऐसे मामलों में फरार आरोपियों की पहचान करने और उन्हें कानून के शिकंजे में लाने पर है।15 लाख की साइबर ठगी के मामले में आठ महीने से फरार चल रही महिला की हैदराबाद से गिरफ्तारी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि साइबर अपराध के आरोपी कितनी भी दूर जाकर छिपें, पुलिस तकनीकी जांच के जरिए उन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

साइबर ठगी से बचने के लिए याद रखें-

अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN या बैंक डिटेल साझा न करें।- संदिग्ध लिंक या ऐप को डाउनलोड करने से बचें।- सोशल मीडिया पर मिले निवेश या कमाई के झांसे में आने से पहले पूरी जांच करें।- खाते से पैसे निकलने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।- साइबर अपराध की शिकायत में देरी न करें।

REPORTING: MOTI JANGID

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