जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर इन दिनों भगवान गणेश की भक्ति में रंगी नजर आ रही है। शहर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेशोत्सव का नौ दिवसीय आयोजन शुरू हो चुका है। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के इलाकों तक श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। अलग-अलग दिनों में भगवान गणेश के विशेष श्रृंगार, झांकियां, धार्मिक कार्यक्रम और भक्ति संगीत के आयोजन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

कलश यात्रा के साथ हुआ गणेशोत्सव का शुभारंभ
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में इस वर्ष गणेशोत्सव की शुरुआत महिलाओं की कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ हुई। इसके बाद मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान भगवान गणेश को अलग-अलग स्वरूपों में सजाया जाएगा।
मंदिर परिसर में कहीं फूलों से विशेष दरबार सजाया जाएगा तो कहीं फल-सब्जियों और अन्य सामग्री से आकर्षक झांकियां तैयार की जाएंगी। इस दौरान भक्ति संगीत, ध्रुपद, सुगम संगीत और कथक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
मोदक झांकी रहेगी खास आकर्षण
गणेशोत्सव के दौरान मोदक झांकी को विशेष आकर्षण माना जा रहा है। इसके लिए बड़ी मात्रा में घी, बेसन, शक्कर और सूखे मेवों का इस्तेमाल किया जाएगा। विशाल आकार के मोदक तैयार कर भगवान गणेश के दरबार को विशेष रूप दिया जाएगा।मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है। इस आयोजन को लेकर भक्तों में खास उत्साह है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने की तैयारी में हैं।
गणेशोत्सव के दौरान सिंजारा उत्सव भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी मात्रा में मेहंदी से भगवान गणेश का विशेष सिंजारा किया जाएगा। साथ ही गणेशजी को नई पोशाक पहनाई जाएगी।मंदिर में भगवान के विशेष श्रृंगार के लिए आभूषण और मुकुट भी तैयार किए गए हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में महिलाओं और कन्याओं के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी।
इस बार गणेशोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 14 सितंबर को होने वाला गणेश जन्मोत्सव रहेगा। जयपुर में गणेश चतुर्थी भी इसी दिन मनाई जाएगी। जयपुर के लिए गणेश पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:08 बजे से दोपहर 1:36 बजे तक बताया गया है।
जन्मोत्सव के दिन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। मंगला आरती से लेकर रात की शयन आरती तक दर्शन की व्यवस्था रहेगी। विशेष पूजा, श्रृंगार आरती, भोग आरती और संध्या आरती जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
गणेश जन्मोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जयपुर पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है।
महिलाओं के लिए अलग दर्शन लाइन बनाने के साथ कई प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित किए गए हैं। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था भी की जा रही है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक व्यवस्थाओं को संभालने में सहयोग करेंगे।
15 सितंबर को नगर भ्रमण पर निकलेंगे गणेशजी
नौ दिवसीय गणेशोत्सव का समापन 15 सितंबर को भगवान गणेश की शोभायात्रा के साथ होगा। इस दौरान गणेशजी नगर भ्रमण पर निकलेंगे। शोभायात्रा को देखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड जैसे इलाकों में श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

जयपुर में दिख रहा है उत्सव का माहौल
गणेशोत्सव के चलते जयपुर के बाजारों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी उत्सव का माहौल दिखाई दे रहा है। घरों, मंदिरों और विभिन्न स्थानों पर गणपति की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। लोग परिवार के साथ मंदिरों में पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन कर रहे हैं।
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर का गणेशोत्सव जयपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। हर वर्ष इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार भी नौ दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों को लेकर लोगों में खास उत्साह नजर आ रहा है।
REPORTING ; MOTI JANGID

