सामाजिक सुरक्षा पेंशन 3000 रुपये प्रतिमाह की जाए
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार से बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें 50-50 प्रतिशत की भागीदारी से इस योजना का खर्च वहन करें, ताकि समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक संबल मिल सके।

गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राजस्थान में वर्ष 2013 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन 500 रुपये प्रतिमाह से शुरू की गई थी। बाद में इसे बढ़ाकर 1000 रुपये किया गया और हर साल 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का कानूनी प्रावधान भी लागू किया गया। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से लाखों जरूरतमंद लोगों को राहत मिली थी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिमाह की गई थी, लेकिन पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने न तो पेंशन राशि में बढ़ोतरी की और न ही लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई। उन्होंने दावा किया कि संसदीय समिति की सिफारिशों के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ करने में उदारता दिखाती है, जबकि गरीब, बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग वर्ग को राहत देने के मामले में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने केंद्र सरकार से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाने के साथ-साथ अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना का लाभ देने की अपील की।
रिपोर्टिंग – विरेन्द्र

