रविंद्र सिंह भाटी बोले: “युवाओं की आवाज़ लाठी से नहीं दबाई जा सकती”, पेपर लीक पर सख्त कानून की मांग
राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार पर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से सबसे अधिक नुकसान सामान्य परिवारों के उन युवाओं को होता है, जो वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और केंद्र व राज्य सरकारों को मिलकर पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाना चाहिए।
“युवाओं की मेहनत पर पानी फिर जाता है” रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि जब कोई छात्र दिन-रात मेहनत करता है और बाद में उसे पता चलता है कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया, तो उसकी वर्षों की मेहनत और उम्मीदें टूट जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सरकार से की सख्त कानून बनाने की मांगभाटी ने कहा कि चाहे मामला किसी भी राज्य का हो या केंद्र का, पेपर लीक के खिलाफ एक मजबूत और प्रभावी कानून बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब तक कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा
छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया गलत – विधायक ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ को लाठी के बल पर दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को छात्रों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्र कोई अपराधी या देश विरोधी ताकत नहीं हैं, बल्कि यही देश का भविष्य हैं। इसलिए उनके साथ संवेदनशीलता और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।
सरकार और विपक्ष दोनों पर साधा निशानारविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि जब कोई दल विपक्ष में होता है तो छात्रों के समर्थन में खड़ा दिखाई देता है, लेकिन सत्ता में आने के बाद वही रवैया बदल जाता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को मिलकर समाधान निकालना चाहिए।


