बाड़मेर में अंतरराज्यीय चोरी गैंग का भंडाफोड़, 600 किमी दूर से ट्रेन में आकर देते थे वारदात को अंजाम
बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी करीब 600 किलोमीटर दूर से ट्रेन के जरिए बाड़मेर पहुंचते, सुनसान मकानों में चोरी की वारदात को अंजाम देते और फिर उसी ट्रेन से वापस लौट जाते थे।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से पुलिस तक पहुंचे आरोपी पुलिस के अनुसार, शास्त्री नगर निवासी किशोर कुमार जटिया ने 19 जून को कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 18 जून की रात अज्ञात बदमाश उनके घर का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर जांच शुरू की। लगातार की गई कार्रवाई के बाद 16 जुलाई को गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में 12 चोरी की वारदातों का खुलासागिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पंजाब और श्रीगंगानगर क्षेत्र से ट्रेन के माध्यम से बाड़मेर आते थे और सुनसान मकानों को निशाना बनाते थे। चोरी की वारदात के बाद वे चोरी का सामान लेकर वापस लौट जाते थे। पूछताछ में आरोपियों ने 12 चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात भी कबूल की है। चोरी के जेवर छिपाने और बिकवाने में महिला की भूमिकापुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण श्रीगंगानगर निवासी मंजू पत्नी पवन कुमार सोनी के पास रखे जाते थे। महिला चोरी का माल छिपाने के साथ-साथ उसे आगे बेचने में भी सहयोग करती थी। इसके बदले उसे प्रत्येक वारदात पर करीब 10 हजार रुपये दिए जाते थे।
अपराध में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने महिला को श्रीगंगानगर से गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस की जांच जारी फिलहाल इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, चोरी के नेटवर्क और चोरी के माल की बरामदगी को लेकर आगे की जांच में जुटी हुई है।

