बाड़मेर की प्रियदर्शनी एयरफोर्स अग्निवीर बनीं, ट्रेनिंग पूरी कर लौटीं:बोली- बचपन में फौजी को देखा तो सेना में जाने की ठानी
बाड़मेर की बेटी का अग्निवीर एयरफोर्स में सिलेक्शन हुआ है। 7 महीने की ट्रेनिंग पूरी करने बाद वह अपने घर पहुंची तो फूलों से स्वागत हुआ बाड़मेर में एयरफोर्स में अग्निवीर बनने वाली पहली लड़की है। प्रियदर्शनी राजपुरोहित के दादा बीएसएफ में एएसआई के पद से रिटायर्ड है कक्षा-6 में ही मैंने पढ़ाई के दौरान पिता को सेना में जाने की इच्छा जताई थी। जो आज मेरा सपना पूरा हुआ है
दरअसल, प्रियदर्शनी राजपुरोहित (21) पुत्री किशन सिंह राजपुरोहित निवासी रामसर, हाल ऑफिसर्स कॉलोनी बाड़मेर में अपने परिवार के साथ रहती है। बाड़मेर पीजी कॉलेज से बीएससी की है साथ ही एनसीसी की कैडेट भी रही है इसमें ‘सी’ सर्टिफिकेट मिला है। अग्निवीर में सलेक्शन होने के बाद 7 माह की कर्नाटक के बेलगाम हार्ड ट्रेनिंग करके वापस अपने घर लौटी है पीजी कॉलेज पहुंचने पर एनसीसी कैडेट्स ने माला पहनाकर किया स्वागत

पीजी कॉलेज पहुंचने पर कॉलेज प्रिंसिपल और एनसीसी कैडेट्स ने फूल बरसाकर, साफा पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया। इस दौरान सबके हाथों में तिरंगा था प्रियदर्शनी का कहना है कि- इंडियन एयरफोर्स अग्निवीर के लिए पहले एग्जाम दिया। फिर फिजिकल और मेडिकल होने के बाद साल 2025 में मेरा सलेक्शन हुआ था
कुल 30 वीक की बेसिक और हार्ड ट्रेनिंग हुई है। सेना में मेरा जाना ड्रीम था इससे पता चल जाता है कि ग्राउंड लेवल पर भी कहां चीजें होती है बचपन में ही ठान लिया था सेना में जाना है बचपन में मैने एक फौजी को देखा तब मैंने सोचा था कि मुझे भी फौज में जाना है तीन साल तक एनसीसी में थी, वह भी ठीक लगा। इसके बाद अग्निवीर की तैयारी की और मेरा सलेक्शन हो गया एयरफोर्स में लड़कियों को एक समान ट्रीट किया जाता है। बाकी सेना में अलग-अलग परिस्थितियां होती है, लेकिन मुझे एयरफोर्स सबसे बेस्ट लगी
प्रियदर्शनी राजपुरोहित हालही में 7 महीने की ट्रेनिंग पूरी करने बाद घर लौटी है प्रियदर्शनी राजपुरोहित हाल ही में 7 महीने की ट्रेनिंग पूरी करने बाद घर लौटी है परिवार ने कभी नहीं रोका, सपोर्ट किया प्रियदर्शनी का कहना है कि मैंने 6 क्लास में पापा को बोला था कि मैं सेना में जाऊंगी। तब पापा ने कहा था सलेक्शन हो जाए तो चले जाना कॉलेज पढ़ने के दौरान मैंने एग्जाम दिया था, लेकिन उस समय मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ था। दूसरी बार में मेरा सलेक्शन हो गया था पहले पापा बीएसएफ में थे

