
जयपुर: प्रतापगढ़ में ACB की कार्रवाई. 2.75 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में CMHO और संविदाकर्मी पर केस दर्ज September 1, 2026
जयपुर: प्रतापगढ़| जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जीवराज मीणा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के संविदाकर्मी महेश पाटीदार के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है| ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि निजी चिकित्सालय के संचालक से अस्पताल संचालन, सोनोग्राफी सुविधा, MAA आयुष्मान योजना के MOU पर हस्ताक्षर और मासिक बंधी के एवज में कुल 2 लाख 75 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत मिली थी|
ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी:
ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत के बाद ACB चौकी प्रतापगढ़ इकाई ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई| हालांकि, आगे की कार्रवाई से पहले ही आरोपियों के सतर्क हो जाने के कारण रिश्वत की राशि की बरामदगी अथवा ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी. विक्रम सिंह के अनुसार, ACB मुख्यालय के निर्देश पर प्रतापगढ़ इकाई ने यह कार्रवाई की| शिकायत में आरोप लगाया गया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जीवराज मीणा और कार्यालय के संविदाकर्मी महेश पाटीदार द्वारा प्रतापगढ़ एवं धरियावद के निजी चिकित्सालयों के संचालन, सोनोग्राफी सुविधा तथा MAA आयुष्मान योजना के MOU पर हस्ताक्षर करने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी|
सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि:
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि रिश्वत की मांग के साथ मासिक बंधी के रूप में भी राशि मांगी जा रही थी| ACB को इस संबंध में 3 जनवरी 2026 को शिकायत प्राप्त हुई थी. शिकायत के बाद, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में ACB प्रतापगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह के नेतृत्व में रिश्वत की मांग का गोपनीय सत्यापन कराया गया| सत्यापन के दौरान जीवराज मीणा और महेश पाटीदार द्वारा परिवादी से अस्पताल संचालन, सोनोग्राफी, MAA आयुष्मान योजना के MOU पर हस्ताक्षर करने तथा मासिक बंधी के एवज में रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई|
सतर्क हुए आरोपी, मामला दर्ज:
विक्रम सिंह के मुताबिक, इसी दौरान आरोपियों को पूर्व की घटनाओं को लेकर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने की जानकारी मिल गई, जिसके चलते वे सतर्क हो गए| आरोपियों के सतर्क हो जाने के कारण रिश्वत की राशि के लेन-देन की आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी और ट्रैप की कार्रवाई नहीं की जा सकी| ACB ने इस मामले में प्रकरण दर्ज किया है| ACB के अनुसार, मामले में अग्रिम अनुसंधान और अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी है| यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में की जा रही है| मामले में ACB की ओर से शिकायत, गोपनीय सत्यापन और दर्ज प्रकरण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है|
रिपोर्टिंग: हरीश

