नई दिल्ली। अगर आप रोजाना चाय, किराना, सब्जी, पेट्रोल या दूसरे छोटे-मोटे भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लगाने का प्रावधान स्पष्ट किया है।

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक बैंक और संबंधित सिस्टम प्रोवाइडर ₹2,000 तक के पात्र UPI लेनदेन पर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शुल्क नहीं लगा सकेंगे। इससे छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों और कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
रोजमर्रा के भुगतान में सबसे ज्यादा इस्तेमाल
आज शहरों से लेकर छोटे कस्बों और गांवों तक UPI भुगतान आम हो चुका है। छोटी दुकानों, सब्जी के ठेलों, चाय की दुकानों, मेडिकल स्टोर और अन्य कारोबारों में QR कोड के जरिए भुगतान किया जाता है।
ऐसे में ₹50, ₹100, ₹500 या ₹1,000 जैसे छोटे भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए यह व्यवस्था खास तौर पर महत्वपूर्ण है।

छोटे व्यापारियों को भी राहत
डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ छोटे दुकानदारों के लिए भी QR कोड और UPI महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। सरकार का यह कदम छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और कैशलेस लेनदेन को आसान बनाए रखने की दिशा में देखा जा रहा है।
हालांकि बड़े मूल्य के व्यापारी लेनदेन से जुड़े शुल्क और MDR की व्यवस्था अलग हो सकती है। इसलिए हर तरह के UPI भुगतान को एक समान नियम के तहत देखना सही नहीं होगा।
UPI का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों के लिए सबसे बड़ी बात यही है कि छोटे भुगतान करते समय अतिरिक्त बैंक शुल्क को लेकर चिंता नहीं करनी होगी। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिलने से नकदी पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है।
REPORTING ; MOTI JANGID

