नई दिल्ली। आम आदमी के घरेलू बजट पर महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अगस्त 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत पहुंच गई। जुलाई में यह 4.45 प्रतिशत थी। महंगाई में यह बढ़ोतरी खास तौर पर खाने-पीने की चीजों और घरेलू जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच आई है।

रसोई के बजट पर असर
महंगाई बढ़ने का सबसे सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है। सब्जियों और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव होने से घर का राशन बजट प्रभावित होता है।
आलू-प्याज जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम बढ़ने पर इसका असर सीधे परिवारों की रसोई पर दिखाई देता है। इसके अलावा कपड़े, घरेलू सामान और शिक्षा जैसी कुछ अन्य श्रेणियों में भी कीमतों का दबाव बढ़ा है।
लगातार तीसरे महीने बढ़ी महंगाई
अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक यह नई महंगाई श्रृंखला शुरू होने के बाद अब तक का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है।
महंगाई बढ़ने से RBI की मौद्रिक नीति पर भी नजर बनी रहेगी। ब्याज दरों में किसी संभावित बदलाव का असर भविष्य में लोन लेने वाले लोगों और EMI पर भी पड़ सकता है।

महंगाई का आंकड़ा सिर्फ सरकारी रिपोर्ट का हिस्सा नहीं है। इसका असर बाजार में खरीदारी करते समय आम लोगों को महसूस होता है। किराना, सब्जी, दूध, शिक्षा, घरेलू सामान और अन्य जरूरी खर्चों में बढ़ोतरी होने पर परिवारों को अपने मासिक बजट में बदलाव करना पड़ता है।
आने वाले महीनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतें और महंगाई का रुख आम लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दों में बना रह सकता है।
REPORTING; MOTI JANGID

