टोंक: राजस्थान में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में टोंक जिले की निवाई पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 33 लाख 25 हजार 500 रुपये की नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजाराम के रूप में हुई है, जो जयपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस को ऑनलाइन जुआ-सट्टे से जुड़े नेटवर्क के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद DST टीम और निवाई थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।

आरोपी के पास से लाखों की नकदी बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी मिली। बरामद रकम ₹33.25 लाख से अधिक है। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस इन मोबाइल उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की जानकारी सामने आ सके।जांच में पुलिस को करीब 5 लाख रुपये की ऑनलाइन गैंबलिंग-सट्टे की मास्टर आईडी की लाइनें मिलने की भी जानकारी सामने आई है। इससे पुलिस को संदेह है कि आरोपी किसी बड़े ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम कहां से आई और ऑनलाइन सट्टेबाजी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच के जरिए पुलिस लेन-देन तथा नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।टोंक पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक जिले में जुआ-सट्टा, चोरी, मादक पदार्थ और साइबर अपराध जैसी गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी है। पुलिस का लक्ष्य अवैध गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क को केवल स्थानीय स्तर पर पकड़ना नहीं, बल्कि उसके पीछे मौजूद अन्य लोगों तक भी पहुंचना है।

ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ सख्ती
पिछले कुछ समय से ऑनलाइन सट्टेबाजी और डिजिटल माध्यमों से चलने वाले जुआ नेटवर्क पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे मामलों में केवल सट्टा लगाने वाले लोगों के बजाय उन लोगों की पहचान करना भी जरूरी है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, खातों और डिजिटल माध्यमों के जरिए पूरा नेटवर्क संचालित करते हैं।निवाई में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच अब आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम और डिजिटल उपकरणों का संबंध किन लोगों और गतिविधियों से है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आने पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।
REPORTING ; MOTI JANGID

