दवाइयों पर बड़ी कार्रवाई: राजस्थान ड्रग विभाग ने कसा शिकंजा, संदिग्ध दवाओं और अवैध कारोबार पर बढ़ी सख्ती
जयपुर। राजस्थान में दवाइयों की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर ड्रग विभाग ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदेश में नकली, अवमानक और नियमों के विपरीत रखी गई दवाइयों के मामलों पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। हाल के मामलों ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि दवा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
ड्रग विभाग की ओर से पिछले कुछ समय में दवा विक्रेताओं और फार्मा प्रतिष्ठानों की जांच की गई है। जांच के दौरान जहां भी दवाओं की गुणवत्ता संदिग्ध मिली या नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई, वहां नियमानुसार कार्रवाई की गई। विभाग का मुख्य उद्देश्य बाजार में ऐसी दवाओं की बिक्री और सप्लाई को रोकना है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।

नकली और अवमानक दवाओं पर लगातार नजर
राजस्थान में पिछले तीन वर्षों के दौरान नकली दवाओं से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में नकली दवाओं के 38 मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद 2024-25 में 16 मामले सामने आए, जबकि 2025-26 में 4 मामले दर्ज किए गए। इसी अवधि में कई दवाओं के नमूने गुणवत्ता जांच में अवमानक पाए गए।
इन मामलों के बाद संबंधित दवाओं की बिक्री और सप्लाई रोकने के साथ-साथ जिम्मेदार संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। कुछ मामलों में दवा कंपनियों के लाइसेंस तक निरस्त किए गए हैं।
दवा खरीदते समय लोगों को भी रहना होगा सावधान
दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। आम लोगों को भी दवा खरीदते समय सावधानी बरतनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए और दवा खरीदते समय उसकी पैकिंग, एक्सपायरी डेट, बैच नंबर तथा अन्य जरूरी जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
विशेष रूप से ऐसी दवाइयां जिनकी पैकिंग संदिग्ध लगे या जिनकी कीमत और लेबल सामान्य से अलग दिखाई दे, उनके इस्तेमाल से पहले फार्मासिस्ट या डॉक्टर से जानकारी लेना बेहतर है।

मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
दवाइयां सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में किसी दवा का नकली, अवमानक या गलत तरीके से बाजार में पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है। राजस्थान ड्रग विभाग की लगातार जांच और कार्रवाई का उद्देश्य दवा सप्लाई चेन में पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं पहुंचाना है।
आने वाले समय में भी विभाग की ओर से दवा दुकानों, गोदामों और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों की जांच जारी रहने की उम्मीद है। इस कार्रवाई से दवा कारोबार से जुड़े लोगों में भी नियमों का पालन करने का संदेश गया है। वहीं आम जनता के लिए यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
REPORTING ; MOTI JANGID

