बाड़मेर। रेल यात्रियों के लिए राहत और सुविधा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे ने बाड़मेर-ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस के संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब यह ट्रेन अपने पूरे निर्धारित मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रेन को बठिंडा स्टेशन पर इलेक्ट्रिक से डीजल इंजन में बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे इंजन बदलने में लगने वाला समय बचेगा और यात्रियों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकेगी।

वर्तमान व्यवस्था के तहत ट्रेन संख्या 14888 बाड़मेर-ऋषिकेश एक्सप्रेस बाड़मेर से बठिंडा तक इलेक्ट्रिक इंजन से चलती है। इसके बाद बठिंडा में इलेक्ट्रिक इंजन हटाकर डीजल इंजन लगाया जाता है और ट्रेन आगे ऋषिकेश तक जाती है। इसी तरह वापसी में ट्रेन संख्या 14887 ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस के लिए भी बठिंडा में इंजन परिवर्तन की प्रक्रिया होती है।
18 सितंबर से लागू होगी नई व्यवस्था
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्री सुविधा और रेल संचालन को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से इन दोनों ट्रेनों को अब एंड-टू-एंड इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चलाने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे के अनुसार, ट्रेन संख्या 14888 बाड़मेर-ऋषिकेश एक्सप्रेस में यह व्यवस्था 18 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। वहीं वापसी में चलने वाली ट्रेन संख्या 14887 ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस 20 सितंबर 2026 से पूरे मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित होगी।

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ट्रेन को बठिंडा स्टेशन पर इंजन परिवर्तन के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। वर्तमान में बाड़मेर से बठिंडा तक इलेक्ट्रिक इंजन से पहुंचने के बाद ट्रेन का इंजन बदला जाता है और आगे के विद्युतीकृत मार्ग पर डीजल इंजन से संचालन किया जाता है।
अब पूरे मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन होने के कारण बठिंडा में इंजन बदलने में लगने वाला समय बच सकेगा। इससे ट्रेन के संचालन में भी सुगमता आने की उम्मीद है और यात्रियों को यात्रा के दौरान अनावश्यक ठहराव से राहत मिलेगी।
समय की बचत के साथ पर्यावरण को भी फायदा
रेलवे की इस नई व्यवस्था से केवल परिचालन समय में ही बचत नहीं होगी, बल्कि इलेक्ट्रिक कर्षण को बढ़ावा मिलने से ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा। डीजल इंजन की आवश्यकता कम होने से ईंधन की खपत में कमी लाने और रेल परिवहन को अधिक ऊर्जा-कुशल बनाने में मदद मिल सकती है।
बाड़मेर से ऋषिकेश और ऋषिकेश से बाड़मेर के बीच नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर लंबी दूरी की इस ट्रेन में बठिंडा पर इंजन परिवर्तन की प्रक्रिया समाप्त होने से संचालन व्यवस्था अधिक सरल होगी।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
- बाड़मेर-ऋषिकेश एक्सप्रेस अब पूरे मार्ग पर इलेक्ट्रिक इंजन से चलेगी।
- बठिंडा स्टेशन पर इलेक्ट्रिक से डीजल इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी।
- इंजन परिवर्तन में लगने वाला समय बच सकेगा।
- ट्रेन संचालन अधिक सुगम और व्यवस्थित होगा।
- इलेक्ट्रिक रेल संचालन को बढ़ावा मिलेगा।
- ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को भी फायदा होगा।
रेलवे की ओर से उठाया गया यह कदम लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 18 सितंबर और 20 सितंबर 2026 से लागू होने वाली इस व्यवस्था के बाद बाड़मेर-ऋषिकेश-बाड़मेर रेल सेवा में इंजन परिवर्तन की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक रेल यात्रा का अनुभव मिलने की उम्मीद है।
REPORTING ; MOTI JANGID

