मुंबई में स्वाइन फ्लू का प्रकोप: H1N1 के मामलों में 612% की बढ़ोतरी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
मुंबई में मानसून के दौरान स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामलों में अचानक तेजी देखने को मिली है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून से 31 अगस्त 2026 के बीच शहर में H1N1 के 441 मामले सामने आए हैं। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 62 थी। यानी इस साल संक्रमण के मामलों में करीब 612 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मानसून में बढ़ा संक्रमण का खतरा
मुंबई में बारिश और बदलते मौसम के बीच कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस बार H1N1 के मामलों में हुई तेज वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाई है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी कुछ अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों में कमी दर्ज की गई है।
क्या हैं स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण?
H1N1 संक्रमण होने पर बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हर मरीज में सभी लक्षण मौजूद हों, यह जरूरी नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसी गंभीर स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सावधानी बरतना जरूरी
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक संपर्क से बचना, हाथों की नियमित सफाई करना और खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

विशेष रूप से बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर बुखार, खांसी या सांस से जुड़ी परेशानी लगातार बनी रहती है, तो समय पर चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।
H1N1 मामलों में हुई तेज वृद्धि के बीच मुंबई में बीमारी की निगरानी और स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और लक्षण नजर आने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है।
REPORTING; MOTI JANGID

