सोनिया गांधी की आत्मकथा को मिला नया प्रकाशक, 10 नवंबर को रिलीज होगी ‘Belonging’
नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित आत्मकथा को लेकर चल रही अनिश्चितता अब खत्म हो गई है। उनकी किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ को भारत में अब हार्परकॉलिन्स इंडिया प्रकाशित करेगा। प्रकाशक के मुताबिक यह किताब 10 नवंबर 2026 को भारत में पाठकों के लिए उपलब्ध होगी।

लंबे समय से चर्चा में है आत्मकथा
सोनिया गांधी की आत्मकथा काफी समय से राजनीतिक और साहित्यिक जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। किताब में उनके निजी जीवन के अनुभवों के साथ-साथ भारतीय राजनीति में उनके लंबे सफर को भी सामने लाने की उम्मीद है। प्रकाशक ने इसे प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन जैसे विषयों से जुड़ी एक व्यक्तिगत कहानी बताया है, जिसमें भारत की राजनीतिक यात्रा को करीब से देखने का नजरिया भी मिल सकता है।
इससे पहले किताब के भारतीय प्रकाशन को लेकर Penguin Random House India का नाम सामने आया था। हालांकि बाद में पेंगुइन ने स्पष्ट किया कि वह भारत में इस पुस्तक का प्रकाशक नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार किताब की सामग्री, संपादकीय बदलाव और तथ्य-जांच से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी थी।इसके बाद यह सवाल उठ रहा था कि भारत में सोनिया गांधी की आत्मकथा आखिर किस प्रकाशक के जरिए सामने आएगी। अब हार्परकॉलिन्स के ऐलान के साथ इस सवाल का जवाब मिल गया है।
निजी जिंदगी से राजनीति तक का सफर
‘Belonging’ में सोनिया गांधी के निजी जीवन और सार्वजनिक भूमिका, दोनों के अलग-अलग पहलुओं पर प्रकाश पड़ने की संभावना है। उनकी भारतीय राजनीति में एंट्री, कांग्रेस का नेतृत्व, 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में बनी राजनीतिक परिस्थितियां और गठबंधन की राजनीति जैसे महत्वपूर्ण दौर भी किताब का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री पद को लेकर सोनिया गांधी के फैसले, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ उनके राजनीतिक संबंध और नरेंद्र मोदी के साथ उनके राजनीतिक दौर से जुड़े अनुभव भी किताब को खास बना सकते हैं।

10 नवंबर को सामने आएगी पूरी कहानी
हार्परकॉलिन्स इंडिया के अनुसार ‘Belonging: A Journey of Love’ का प्रकाशन 10 नवंबर 2026 को होगा। किताब के सामने आने के बाद पाठकों को सोनिया गांधी के जीवन और उनके राजनीतिक सफर को उनके अपने नजरिए से समझने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल किताब की सामग्री को लेकर आधिकारिक तौर पर बहुत अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में इसके प्रकाशन के बाद सामने आने वाले विवरणों पर राजनीतिक और साहित्यिक दोनों क्षेत्रों की नजर रहेगी।
REPORTING; MOTI JANGID

