2026 के NCERT सिलेबस और टिप्पणियों के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इससे जुड़े दो मुद्दों पर विवाद का माहौल बन चुका है। इसमें पहला मामला 11वीं और 12वीं कक्षाओं के राजनीतिक विज्ञान के पाठ्यक्रम को लेकर बहस का है, वहीं दूसरा मामला 8वीं कक्षा की राजनीतिक विज्ञान की किताब में हुई न्यायपालिका संबंधी टिप्पणी को लेकर है।इन दोनों मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त कदम उठाया है।

1.कक्षा 11वीं-12वीं राजनीति विज्ञान विवाद
अगस्त 2026 में NCERT की पाठ्यपुस्तक तैयार करने वाली 20 सदस्यीय समिति के पुनर्गठन के साथ ही यह विवाद शुरू हुआ। छात्रों और राजनीतिक दलों ने यह आरोप लगाया है कि समिति में कम से कम 4 सदस्यों का संबंध भाजपा से है। इसी कारण लोगों में सख्ती की भावना बनी हुई है।NCERT का बयानNCERT ने बताया कि नई पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा रही हैं और इन पुस्तकों का उद्देश्य छात्रों की मानसिक योग्यता को मजबूत बनाना भी है। NCERT ने यह भी कहा है कि कक्षा 11वीं की नई किताबें 30 नवंबर 2026 तक और कक्षा 12वीं की नई किताबें 30 जुलाई 2027 तक तैयार करना उनका लक्ष्य बना हुआ है।
कक्षा 8वीं की किताब में ‘न्यायिक भ्रष्टाचार’ विवाद
(फरवरी 2026)इस विवाद का कारण कक्षा 8वीं की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के चौथे अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और जज के खिलाफ शिकायतों को लेकर की गई टिप्पणी है। इसी के कारण यह मामला विवादों में आया हुआ है।इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि इससे जनता में न्यायपालिका के प्रति गलत भावना पैदा हो सकती है। इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने किताब पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया और साथ ही इसके डिजिटल संस्करण पर भी बैन लगवा दिया।विवाद के कारणविवाद के कारण जनरल तुषार मेहता ने NCERT और केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगी और साथ ही बाजार से किताबों को वापस लेने के लिए भी कहा।


