विश्व युवा कौशल दिवस: वेदांता ऑयल एंड गैस के युवा पेशेवर बने ग्रामीण विद्यार्थियों के मार्गदर्शक
112 से अधिक विद्यार्थियों को दिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण, डिजिटल भविष्य के लिए किया तैयार
बाड़मेर। विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर वेदांता ऑयल एंड गैस ने बाड़मेर के खाटियों का तला विद्यालय में दो दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कार्यशाला का आयोजन कर 112 से अधिक ग्रामीण विद्यार्थियों को भविष्य के लिए आवश्यक डिजिटल एवं तकनीकी कौशलों से अवगत कराया। “युवा प्रेरित करें युवाओं को” थीम पर आयोजित इस पहल के तहत कंपनी के युवा पेशेवर स्वयंसेवक के रूप में विद्यार्थियों के मार्गदर्शक बने और उन्होंने अपने ज्ञान, अनुभव एवं कौशल साझा करते हुए उन्हें नई तकनीकों से परिचित कराया। कार्यशाला में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूलभूत जानकारी, विभिन्न AI एप्लिकेशनों के उपयोग, प्रभावी प्रॉम्प्ट लेखन, AI आधारित शिक्षण, करियर मार्गदर्शन तथा उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। लाइव डेमोंस्ट्रेशन, रचनात्मक शिक्षण पोस्टर, प्रश्नोत्तरी एवं इंटरएक्टिव गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने का एक नया और रोचक अनुभव प्राप्त हुआ।
कार्यशाला का संचालन निकिता मीणा ने किया, जिन्होंने अपनी संवादात्मक एवं रचनात्मक शैली से विद्यार्थियों के लिए AI जैसे विषय को सरल और रोचक बनाया। गतिविधि आधारित सत्रों और विशेष रूप से तैयार किए गए शिक्षण सामग्री ने विद्यार्थियों की सहभागिता को और अधिक बढ़ाया। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान वेदांता ऑयल एंड गैस के 10 युवा कर्मचारी स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने और उनका मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवक टीम में मयंक रावत, श्वेता सिंह, हया सरवर, अंबेश तिवारी, खुशी जायसवाल, रॉबिन भट्टाचार्य, अर्पित कुमार, गणेश बालाजी एवं श्रीन गुप्ता शामिल रहे। उनकी सहभागिता ने यह दर्शाया कि युवा पेशेवर अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से स्थानीय युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को नई दिशा दे सकते हैं। कार्यशाला से लाभान्वित विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। छात्र गोविंद ने कहा, “यह हमारे लिए बेहद प्रेरणादायक सत्र था। पहली बार हमने इस प्रकार की सीखने की प्रक्रिया का अनुभव किया। AI के माध्यम से पढ़ाई करने, नई जानकारी खोजने और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाने के नए तरीके हमें सीखने को मिले।” वहीं छात्रा सुनीता ने बताया, “इस कार्यशाला ने मुझे 12वीं के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों को समझने में मदद की। AI आधारित करियर मार्गदर्शन के माध्यम से मैंने शिक्षक और IAS अधिकारी बनने की संभावनाओं तथा उस दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक कदमों के बारे में जाना।” कार्यक्रम के समापन सत्र में चोखला की सरपंच धर्मी देवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर नई कौशल सीखने, तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने तथा अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य निम्बाराम ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में वेदांता की CSR टीम से प्रिया शर्मा एवं दिशिका टेकारीवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं कार्यान्वयन भागीदार संस्था CEDRA के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर लोकेश और फील्ड कोऑर्डिनेटर रेखाराम ने जमीनी स्तर पर कार्यक्रम के समन्वय और संचालन में सहयोग प्रदान किया।यह पहल समुदायों को सशक्त बनाने के प्रति वेदांता ऑयल एंड गैस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कंपनी का मानना है कि युवाओं को आधुनिक तकनीकों, ज्ञान और कौशलों से जोड़कर उन्हें आत्मविश्वासी, जागरूक और भविष्य के लिए तैयार बनाया जा सकता है। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यशाला इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास साबित हुई


