भीलवाड़ा में फायर सेफ्टी नियमों पर बड़ी कार्रवाई: 3 कोचिंग, 3 रेस्टोरेंट समेत 7 संस्थान सीज
भीलवाड़ा में 3 कोचिंग और 3 रेस्टोरेंट समेत 7 संस्थान सीज, फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
भीलवाड़ा, राजस्थान। दिल्ली और लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांडों के बाद प्रशासन अब सुरक्षा मानकों को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
इसी क्रम में भीलवाड़ा नगर निगम ने फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
नगर निगम की टीम ने बुधवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर तीन कोचिंग संस्थानों, तीन रेस्टोरेंट और एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान समेत कुल सात संस्थानों को सीज कर दिया।
प्रशासन का कहना है कि इन संस्थानों को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक फायर सेफ्टी इंतजाम नहीं किए गए।
नोटिस के बावजूद नहीं किया नियमों का पालन –
नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने बताया कि सभी संबंधित संस्थानों को दो-दो बार नोटिस देकर फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित करने और आवश्यक एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद संस्थान संचालकों ने नियमों का पालन नहीं किया।उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इन संस्थानों को किया गया सीजजिला दमकल अधिकारी छोटूराम के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए निम्न संस्थानों को सीज किया—
– आरसी व्यास नगर स्थित वर्टेक्स एकेडमी
– कृष्णा हॉस्पिटल के पास स्थित द फर्स्ट रैंक कोचिंग लेमन लाइब्रेरी
– आरसी व्यास कॉलोनी स्थित विजन कोचिंग सेंटर
– प्राइवेट बस स्टैंड के निकट द ठरकी बार रेस्टोरेंट
– सुखाड़िया सर्कल स्थित भाटिया कार एजेंसी
– पांसल चौराहा के पास सांवरिया रेस्टोरेंट
– नागौरी गार्डन के निकट चैट्स फर्स्ट रेस्टोरेंट
छात्रों और ग्राहकों को हुई परेशानी – अचानक हुई इस कार्रवाई का असर कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर भी पड़ा।
कई छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचे, लेकिन संस्थान बंद मिलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
नियम पूरे करने पर ही मिलेगी दोबारा अनुमति – दमकल विभाग के अनुसार सीज किए गए संस्थानों को दोबारा संचालन शुरू करने के लिए नए सिरे से आवेदन करना होगा।
इसके बाद नगर निगम और दमकल विभाग की संयुक्त टीम मौके पर निरीक्षण करेगी।
यदि संस्थान में सभी फायर सेफ्टी मानकों का पालन पाया जाता है और आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होती हैं, तभी उन्हें एनओसी जारी कर संचालन की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि भीलवाड़ा में अब फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।




