सीमावर्ती क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी सक्रिय, PWD को भेजे प्रस्ताव बाड़मेर/शिव।
शिव विधानसभा क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2.0 के तहत अनेक महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं नवीनीकरण के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को प्रस्ताव भेजे हैं।
विधायक भाटी ने अधिशाषी अभियंताओं, सार्वजनिक निर्माण विभाग, शिव एवं चौहटन को पत्र लिखकर सीमावर्ती गांवों की लंबे समय से लंबित सड़क समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया है।
विधायक भाटी द्वारा भेजे गए पत्रों में गडरारोड़, मुनाबाव, रोहिड़ी, सगोरालिया, त्रिमोही , मोती की बेरी , मिठड़ाऊ , केलनोर सहित कई सीमावर्ती गांवों की सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
प्रस्तावित कार्यों में नई डामर सड़कें, मिसिंग लिंक रोड, सड़क नवीनीकरण तथा रेल्वे फुट ब्रिज निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।
पत्रों के अनुसार गडरारोड़ क्षेत्र में सुंदरा, सगोरालिया, रोहिड़ी, मुनाबाव, मालाणा और अकली के आसपास करीब 90 किलोमीटर से अधिक सड़क निर्माण एवं नवीनीकरण के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
इनमें सुंदरा से नोहड़ियाला, समद का पार, मोती की बेरी तथा सगोरलिया से जुड़े मार्ग प्रमुख हैं। साथ ही अकली गांव से मुनाबाव रेलवे स्टेशन तक आवागमन सुगम बनाने के लिए रेलवे फुट ब्रिज निर्माण की भी मांग की गई है।
इसी प्रकार चौहटन खंड के अंतर्गत मिठड़ाऊ और केलनोर क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें मिठड़ाऊ से देदूसर, हुरों का तला, बीएसएफ पोस्ट, विश्वकर्मा नगर, कल्याणपुरा और उम्मेदपुरा को जोड़ने वाले मार्ग शामिल हैं।
इन सड़कों के निर्माण से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों, किसानों और सुरक्षा बलों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास केवल स्थानीय जरूरत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से इन क्षेत्रों के लोग खराब सड़कों के कारण परेशान हैं, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच प्रभावित होती है।भाटी ने प्रशासन से आग्रह किया कि प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि सीमावर्ती गांवों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि शिव विधानसभा के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।





