हनुमानगढ़ पुलिस की बड़ी पहल: हाईवे पर त्वरित सहायता एवं सुचारू यातायात हेतु “हाईवे रेस्क्यू वाहन” को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना
हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित आपातकालीन सहायता पहुंचाने तथा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से हनुमानगढ़ पुलिस द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम उठाया गया है।
आज जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से श्री नरेंद्र सिंह मीना , जिला पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ तथा श्री अरविंद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ द्वारा “हाईवे रेस्क्यू वाहन” को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
धन्नासर रहेगा मुख्यालय, आसपास के हाईवे क्षेत्रों में मिलेगी त्वरित मदद: इस विशेष हाईवे रेस्क्यू वाहन का मुख्य संचालन केंद्र (मुख्यालय) धन्नासर निर्धारित किया गया है।
धन्नासर तथा उसके आसपास के हाईवे क्षेत्र में कहीं भी कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो यह वाहन आपातकाल के समय मौके पर पहुंचकर त्वरित सहायता प्रदान करेगा।
यातायात को सुचारू रखने और रेस्क्यू ऑपरेशन में होगी आसानी: अक्सर हाईवे पर दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों के कारण लंबा जाम लग जाता है, जिससे गंभीर घायलों तक चिकित्सा सहायता पहुंचने में बाधा उत्पन्न होती है और अन्य राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यह रेस्क्यू वाहन दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को तुरंत मौके से और सड़क के बीच से हटाकर अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने के उपयोग में लिया जाएगा, ताकि हाईवे पर यातायात बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से बना रहे।*पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) से होगा सीधा संचालन व नियंत्रण:
इस हाईवे रेस्क्यू वाहन की मॉनिटरिंग और कमान सीधे जिला पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) द्वारा की जाएगी। इसकी कार्यप्रणाली को बेहद सुगम और त्वरित बनाया गया है:
जैसे ही हाईवे पर किसी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को प्राप्त होगी, कंट्रोल रूम द्वारा तुरंत हाईवे रेस्क्यू वाहन के प्रभारी को इस संबंध में सूचित किया जाएगा।
सूचना प्राप्त होते ही हाईवे रेस्क्यू वाहन की टीम बिना कोई समय गंवाए अविलंब मौके पर पहुंचेगी और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर देगी।इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक श्री नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि हाईवे पर घायलों को त्वरित राहत प्रदान करना तथा सुगम यातायात सुनिश्चित करना ही इस सेवा का मुख्य ध्येय है। इस व्यवस्था से हाईवे पर पुलिस का रेस्क्यू रिस्पॉन्स टाइम बेहद कम हो जाएगा।





