तेलंगाना में BLO नियुक्ति पर विवाद: सफाई कर्मचारियों को दी जिम्मेदारी, भाषा और ट्रेनिंग पर उठे सवाल Telgana Mai BLO Per Vivad..!
Telgana Mai BLO Per Vivad..!

तेलंगाना में चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें राज्य चुनाव आयोग द्वारा सफाई कर्मचारियों को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) नियुक्त किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
खासकर हैदराबाद के पुराने शहर क्षेत्र में इस फैसले को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेलंगाना में इस समय SIR (Special Intensive Revision) का काम चल रहा है, जिसके तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया में BLO की अहम भूमिका होती है, क्योंकि वही घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन और मैपिंग करते हैं।
लेकिन हैदराबाद के चंद्रयानगुट्टा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बरकस इलाके में लोगों को उस समय हैरानी हुई, जब उन्होंने चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया। उनकी मदद के लिए जो BLO पहुंचे, वे ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के एक सफाई कर्मचारी थे।
भाषा और प्रशिक्षण की कमी स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नियुक्त किए गए कई BLO को न तो तेलुगु भाषा का ज्ञान है और न ही अंग्रेजी की समझ।
ऐसे में वे मतदाता सूची की मैपिंग जैसे तकनीकी काम को सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं।
एक सामाजिक कार्यकर्ता सैयद जलालुद्दीन ज़फ़र ने इस मामले की शिकायत करते हुए कहा कि, “मतदाताओं की सहायता के लिए प्रशिक्षित और योग्य कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन यहां बिना किसी ट्रेनिंग के लोगों को मैदान में उतार दिया गया है।
”मतदाताओं को हो रही परेशानीप्री-SIR मैपिंग के तहत कई लोग 2002 की पुरानी मतदाता सूची में अपना नाम खोजने की कोशिश कर रहे हैं।
लेकिन BLO की जानकारी और समझ की कमी के कारण उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
अगर BLO ही सही जानकारी नहीं दे पाएंगे, तो आम नागरिकों को अपने अधिकारों का उपयोग करने में कठिनाई होगी।
चुनाव आयोग की चुप्पी इस पूरे मामले पर अभी तक भारत निर्वाचन आयोग या राज्य चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हालांकि, बढ़ते विवाद के बीच जल्द ही इस पर प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है।
क्यों महत्वपूर्ण है BLO की भूमिका?
BLO चुनावी प्रक्रिया की रीढ़ माने जाते हैं।
वे मतदाता सूची को अपडेट करने, नए मतदाताओं का पंजीकरण करने और मृत या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाने जैसे कार्य करते हैं।
ऐसे में यदि उनकी नियुक्ति और प्रशिक्षण में लापरवाही बरती जाती है, तो इसका सीधा असर चुनाव की निष्पक्षता पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
तेलंगाना में सफाई कर्मचारियों को BLO नियुक्त करने का फैसला अब बड़े विवाद का कारण बनता जा रहा है।
जहां एक ओर प्रशासन इसे संसाधनों के बेहतर उपयोग के रूप में देख सकता है, वहीं दूसरी ओर आम जनता इसे चुनावी प्रक्रिया के साथ समझौता मान रही है।
अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और क्या प्रभावित क्षेत्रों में BLO की नियुक्ति और प्रशिक्षण को लेकर कोई सुधार किया जाता है या नहीं।