जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में सोमवार को नगर निगमों के महापौर, नगर परिषदों के सभापति और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पदों के नतीजों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। अब तक 301 नगरीय निकायों के प्रमुख पदों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इनमें भाजपा ने सबसे अधिक 197 निकायों में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 94 निकाय आए हैं। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7 निकायों में अध्यक्ष पद हासिल किया है। आम आदमी पार्टी (AAP), माकपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) को भी एक-एक निकाय में सफलता मिली है।

राजस्थान में इस चुनावी प्रक्रिया के तहत कुल 309 शहरी निकायों में चुनाव हुए हैं। हालांकि, सोमवार तक 301 निकायों के प्रमुख पदों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। शेष निकायों में प्रमुख पदों के चुनाव बाद में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे।
301 निकायों में किसका कितना दबदबा?
अब तक घोषित 301 प्रमुख पदों के परिणामों का आंकड़ा इस प्रकार है—
- भाजपा – 197 निकाय
- कांग्रेस – 94 निकाय
- निर्दलीय – 7 निकाय
- आम आदमी पार्टी – 1 निकाय
- माकपा – 1 निकाय
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी – 1 निकाय
इस तरह भाजपा ने 301 में से 197 प्रमुख पद अपने नाम किए हैं, जबकि कांग्रेस को 94 पद मिले हैं।
नगर परिषदों में भाजपा आगे
नगर परिषद स्तर पर भी भाजपा ने बढ़त बनाई है। उपलब्ध अंतिम आंकड़ों के अनुसार 46 नगर परिषदों के परिणाम इस चरण में शामिल हैं। इनमें भाजपा ने बड़ी संख्या में सभापति पद हासिल किए हैं, जबकि कांग्रेस ने भी कई निकायों में अपनी स्थिति मजबूत रखी है।
इन नतीजों में बारां नगर परिषद का परिणाम खास रहा, जहां आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी शीतल राठौड़ सभापति चुनी गईं। यह राजस्थान में AAP के लिए स्थानीय निकाय स्तर पर महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।
नगर पालिकाओं में भी भाजपा का दबदबा

नगर पालिकाओं के परिणामों में भी भाजपा ने बड़ी संख्या में अध्यक्ष पद हासिल किए। उपलब्ध अंतिम सूची में 248 नगर पालिकाओं के नतीजे शामिल हैं। कई स्थानों पर सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा, जबकि कुछ नगर पालिकाओं में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की।
कुछ निकायों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसके चलते कई जगह वार्डों में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी के बजाय दूसरे दल के प्रत्याशी को अध्यक्ष या सभापति पद पर जीत मिली।
7 नगर निगमों में मेयर पद का फैसला
नगर निगमों की बात करें तो अब तक 7 नगर निगमों के महापौर पदों के परिणाम सामने आए हैं। इनमें भाजपा ने 6 नगर निगमों में मेयर पद जीता, जबकि एक नगर निगम में कांग्रेस का मेयर बना।
नगर निगमवार स्थिति
भाजपा के खाते में:
- उदयपुर – भाजपा
- अजमेर – भाजपा
- अलवर – भाजपा
- पाली – भाजपा
- भरतपुर – भाजपा
- भीलवाड़ा – भाजपा
कांग्रेस के खाते में:
- बीकानेर – कांग्रेस
इस प्रकार सात घोषित नगर निगमों में 6 मेयर भाजपा के और 1 मेयर कांग्रेस का बना है।

अजमेर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, फिर भी भाजपा का मेयर
अजमेर नगर निगम का परिणाम खास चर्चा में रहा। यहां पार्षदों के चुनाव में कांग्रेस 37 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही थी। भाजपा को 32 और निर्दलीयों को 11 वार्ड मिले थे। इसके बावजूद मेयर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा ने जीत दर्ज की।
यह परिणाम इस बात का उदाहरण रहा कि नगर निगम के वार्ड चुनाव और मेयर चुनाव के बीच राजनीतिक समीकरण किस तरह बदल सकते हैं।
पाली में भी बदले चुनावी समीकरण
पाली नगर निगम में भी कांग्रेस 29 वार्डों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। भाजपा को 21 और निर्दलीयों को 15 वार्ड मिले थे। इसके बावजूद मेयर चुनाव में भाजपा की नमिता बुबकिया ने जीत दर्ज की।
यहां भी निर्दलीय पार्षदों और चुनाव के बाद बने समीकरणों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
भरतपुर में निर्दलीयों का मजबूत प्रदर्शन
भरतपुर नगर निगम का परिणाम भी काफी अलग रहा। यहां 65 वार्डों में से 36 वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीते, जबकि भाजपा को 20 और कांग्रेस को 7 वार्ड मिले। इसके बावजूद भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर चुनी गईं।
इससे साफ हुआ कि वार्ड चुनाव में मिले जनादेश के बाद मेयर चुनाव के लिए पार्षदों के बीच बने समीकरण भी परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
बीकानेर में कांग्रेस की वापसी
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने मेयर पद हासिल किया। यहां कांग्रेस ने भाजपा को पीछे छोड़ते हुए अपना महापौर बनाने में सफलता हासिल की। सात घोषित नगर निगमों में बीकानेर ही ऐसा निगम रहा जहां कांग्रेस का मेयर चुना गया, जबकि बाकी छह में भाजपा के प्रत्याशी विजयी रहे।

वार्ड चुनाव में भी भाजपा आगे
नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव से पहले हुए वार्ड चुनावों में भी भाजपा सबसे अधिक वार्ड जीतने वाली पार्टी रही थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 10,244 वार्डों के चुनाव में भाजपा ने लगभग 4,182 वार्ड, कांग्रेस ने 3,619 वार्ड और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्ड जीते।
हालांकि, वार्ड स्तर पर बड़ी संख्या में निर्दलीय पार्षद चुने जाने से कई निकायों में बोर्ड गठन के समय राजनीतिक समीकरण बदल गए। यही वजह रही कि कुछ जगह सबसे ज्यादा पार्षद वाली पार्टी के बजाय दूसरे दल के प्रत्याशी को अध्यक्ष या मेयर पद पर सफलता मिली।
राजस्थान निकाय चुनाव के बड़े आंकड़े
कुल घोषित प्रमुख पद – 301
भाजपा – 197
कांग्रेस – 94
निर्दलीय – 7
AAP – 1
माकपा – 1
RLP – 1
7 नगर निगमों के मेयर परिणाम:
भाजपा – 6
कांग्रेस – 1
राजस्थान के इन निकाय चुनावों में वार्ड स्तर से लेकर मेयर, सभापति और अध्यक्ष पद तक कई जगह अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिले। खासकर अजमेर, पाली और भरतपुर जैसे नगर निगमों में वार्ड परिणाम और प्रमुख पद के परिणाम अलग रहने से चुनाव के बाद बने समीकरण चर्चा में रहे हैं।
REPORTING ; MOTI JANGID

