राजस्थान में स्वाइन फ्लू को लेकर बढ़ी चिंता, अगस्त में तेजी से बढ़े H1N1 के मामले; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
जयपुर: राजस्थान में बदलते मौसम के बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अगस्त महीने में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 से अब तक राजस्थान में स्वाइन फ्लू के 146 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। इनमें अकेले अगस्त के दौरान 55 मरीजों की पुष्टि हुई है, जो इस साल का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक आंकड़ा है।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, साल की शुरुआत से ही H1N1 के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अगस्त में संक्रमण की संख्या में अचानक तेजी देखी गई। इसी को देखते हुए चिकित्सा संस्थानों को मरीजों की स्क्रीनिंग, समय पर जांच और जरूरत पड़ने पर उपचार एवं रेफरल की व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।राजस्थान में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी नए या असामान्य H1N1 स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या हैं स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण?
H1N1 संक्रमण के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। इनमें ; तेज बुखार, खांसी, गले में परेशानी, शरीर में दर्द, थकान और नाक बंद होना शामिल हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्या भी दिखाई दे सकती है। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहने या स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।


बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। घर में किसी व्यक्ति को संक्रमण के लक्षण हों तो उसके साथ नजदीकी संपर्क कम रखना और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।स्वाइन फ्लू जैसे श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से हाथ धोना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और बीमार होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी रखना उपयोगी सावधानियां हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा लेना उचित नहीं है।
राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग की नजर
मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा व्यवस्था को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर नजर रखने तथा संदिग्ध मामलों की समय पर जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि लोग अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को अपनाएं। बुखार, लगातार खांसी या सांस से जुड़ी परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना संक्रमण को गंभीर होने से रोकने में मदद कर सकता है।
REPORTING; MOTI JANGID

