बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर से जेल सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आया है। यहां हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी भावेश उर्फ बंटी खुली जेल से फरार हो गया। कैदी के फरार होने का पता 11 सितंबर की सुबह उस समय चला, जब जेल में रोजाना होने वाली हाजिरी के दौरान वह मौजूद नहीं मिला। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, जोधपुर के कमला नेहरू नगर निवासी भावेश उर्फ बंटी बाड़मेर की खुली जेल में सजा काट रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे कैदियों की नियमित हाजिरी ली गई। इस दौरान भावेश वहां नहीं मिला। जेल कर्मचारियों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।
सुबह की हाजिरी में नहीं मिला कैदी
जेल प्रशासन के अनुसार, निर्धारित समय पर हाजिरी के दौरान भावेश की अनुपस्थिति सामने आने के बाद उसकी संभावित जगहों पर तलाश की गई। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी गई। इसके बावजूद कैदी के वापस आने की संभावना को देखते हुए कुछ समय तक इंतजार किया गया।
बताया गया कि करीब चार घंटे तक कैदी के लौटने का इंतजार किया गया। सुबह लगभग 10:30 बजे तक जब भावेश वापस नहीं आया, तब जेल प्रशासन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद जेल के उप अधीक्षक धीरज कुमार मीणा की ओर से स्थानीय थाने में कैदी के फरार होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

जेल रिकॉर्ड के मुताबिक भावेश उर्फ बंटी हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उसे पांच साल की अतिरिक्त सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया गया था।
भावेश को करीब एक साल पहले जोधपुर जेल से बाड़मेर की खुली जेल में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद से वह बाड़मेर में अपनी सजा काट रहा था। अब उसके फरार होने के बाद पुलिस उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
बाड़मेर और जोधपुर में पुलिस की तलाश
कैदी के फरार होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। एएसपी नितेश आर्य के मुताबिक, फरार कैदी को पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस टीमें बाड़मेर के साथ-साथ जोधपुर में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके अलावा आसपास के जिलों की पुलिस को भी फरार कैदी से संबंधित जानकारी और हुलिया उपलब्ध कराया गया है। पुलिस उसके संभावित संपर्कों और आवाजाही के रास्तों की भी जानकारी जुटा रही है।
खुली जेल की व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद खुली जेल में कैदियों की निगरानी और हाजिरी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खुली जेल में कैदियों को सामान्य जेल की तुलना में कुछ निर्धारित स्वतंत्रता और सुविधाएं दी जाती हैं, लेकिन उन्हें तय नियमों का पालन करना और नियमित हाजिरी में उपस्थित होना अनिवार्य होता है।
ऐसे में सुबह 6:30 बजे की हाजिरी में कैदी के अनुपस्थित मिलने के बाद उसके वापस लौटने का कई घंटे तक इंतजार किए जाने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को समय पर दे दी गई थी और बाद में नियमानुसार पुलिस को सूचना देकर एफआईआर दर्ज कराई गई।

जेल के वृत्ताधिकारी धीरज कुमार मीणा ने बताया कि 11 सितंबर की सुबह करीब 6:30 बजे होने वाली हाजिरी में भावेश मौजूद नहीं था। उनके अनुसार, उसकी अनुपस्थिति की जानकारी सुबह करीब 8 बजे ही उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी।
इसके बाद कैदी के वापस नहीं लौटने पर उसके फरार होने का मुकदमा दर्ज कराया गया। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन की टीमें भावेश उर्फ बंटी की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस का प्रयास है कि फरार कैदी को जल्द से जल्द पकड़कर वापस जेल भेजा जा सके।
REPORTING ; MOTI JANGID

