बाड़मेर से 6,000 MW बिजली ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट को मिली बड़ी रफ्तार, POWERGRID ने संभाली कमान!
बाड़मेर। राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में तेजी से विकसित हो रहे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के बीच बाड़मेर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख बिजली ट्रांसमिशन कंपनी POWERGRID ने बाड़मेर HVDC Power Transmission Limited का अधिग्रहण कर लिया है। यह कंपनी बाड़मेर क्षेत्र से करीब 6,000 मेगावाट (6 GW) नवीकरणीय ऊर्जा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने के लिए प्रस्तावित बड़े ट्रांसमिशन सिस्टम की परियोजना कंपनी है।

इस परियोजना के सामने आने के बाद बाड़मेर एक बार फिर देश के बड़े सौर ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी हब के तौर पर चर्चा में है। परियोजना का उद्देश्य राजस्थान के बाड़मेर कॉम्प्लेक्स में बनने वाली बड़ी मात्रा में सौर ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड तक पहुंचाने के लिए आवश्यक ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार करना है।
6 हजार मेगावाट बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने की तैयारी
जानकारी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट ±800 kV, 6,000 MW HVDC सिस्टम पर आधारित होगा। इसके तहत बाड़मेर से लगभग 1,000 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन के जरिए बिजली को दक्षिण कलाम्ब क्षेत्र तक पहुंचाने की योजना है। इस तरह बाड़मेर में पैदा होने वाली नवीकरणीय ऊर्जा को राजस्थान से बाहर दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण बिजली कॉरिडोर तैयार होगा।
POWERGRID ने इस परियोजना को Tariff-Based Competitive Bidding (TBCB) प्रक्रिया के तहत हासिल किया है। परियोजना को Build, Own, Operate and Transfer (BOOT) मॉडल पर विकसित किया जाना है।
23 सितंबर को हुआ SPV का अधिग्रहण
POWERGRID की ओर से परियोजना से संबंधित SPV यानी Barmer HVDC Power Transmission Limited का अधिग्रहण 23 सितंबर 2026 को पूरा किया गया। यह SPV पहले REC Power Development and Consultancy Limited (RECPDCL) के पास थी। POWERGRID ने सफल बोलीदाता के रूप में चयन के बाद इसे अपने अधीन लिया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, POWERGRID ने इस SPV में 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी हासिल की है। अधिग्रहण की कुल लागत करीब 18.98 करोड़ रुपये बताई गई है।

बाड़मेर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट?
बाड़मेर पहले से ही राजस्थान के महत्वपूर्ण सौर और ऊर्जा क्षेत्रों में शामिल है। जिले में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाओं के कारण आने वाले समय में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन के साथ उसे दूसरे राज्यों और क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क भी जरूरी है।
यही वजह है कि 6 GW का यह ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट बाड़मेर के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में तैयार होने वाली नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से दूसरे इलाकों तक भेजने के लिए आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा।
प्रोजेक्ट के तहत करीब 1,000 किलोमीटर लंबा ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित किया जाना प्रस्तावित है। यह नेटवर्क बाड़मेर क्षेत्र से बड़ी मात्रा में सौर ऊर्जा को दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
6,000 MW की क्षमता का आंकड़ा इस परियोजना के पैमाने को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। इतनी बड़ी क्षमता के लिए हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन व्यवस्था की आवश्यकता होती है और HVDC तकनीक लंबी दूरी तक बड़ी मात्रा में बिजली के ट्रांसमिशन के लिए इस्तेमाल की जाती है।
राजस्थान की ग्रीन एनर्जी क्षमता को मिलेगा सहारा
राजस्थान लंबे समय से देश के प्रमुख सौर ऊर्जा राज्यों में शामिल है। पश्चिमी राजस्थान, विशेषकर बाड़मेर और आसपास के रेगिस्तानी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं हैं।
ऐसे में ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होने से केवल बिजली उत्पादन परियोजनाओं को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि राज्य के रिन्यूएबल एनर्जी कॉरिडोर को भी मजबूती मिल सकती है।
POWERGRID के इस प्रोजेक्ट के तहत आगे जरूरी नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। इनमें ट्रांसमिशन लाइसेंस और ट्रांसमिशन चार्ज से संबंधित प्रक्रियाएं भी शामिल हैं।

बाड़मेर में ऊर्जा क्षेत्र पर बढ़ता फोकस
बाड़मेर लंबे समय से तेल, गैस, रिफाइनरी और अब सौर ऊर्जा जैसे अलग-अलग ऊर्जा क्षेत्रों के कारण राजस्थान के महत्वपूर्ण जिलों में गिना जाता है। पचपदरा क्षेत्र की रिफाइनरी परियोजना के साथ-साथ जिले में रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट भी पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण हो रहे हैं।
6,000 MW के इस ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के बाद बाड़मेर से निकलने वाली ग्रीन एनर्जी को राष्ट्रीय स्तर के बिजली नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम सामने आया है।
क्या है पूरी खबर का मतलब?
सीधे शब्दों में समझें तो बाड़मेर में बड़े स्तर पर बनने वाली सौर ऊर्जा को दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए एक विशाल बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार किया जाएगा। POWERGRID ने इस परियोजना की SPV अपने अधीन लेकर इसके विकास की जिम्मेदारी संभाल ली है।
आने वाले समय में इस परियोजना से बाड़मेर और राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, बिजली ट्रांसमिशन क्षमता और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। हालांकि स्थानीय स्तर पर रोजगार या अन्य आर्थिक प्रभाव का वास्तविक आकार परियोजना के आगे के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
REPORTING ; MOTI JANGID

