खाटूश्यामजी। सीकर जिले के खाटूश्यामजी स्थित राजकीय उप जिला अस्पताल में डॉक्टरों की तत्परता और सूझबूझ से एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की जान बचाई गई। ब्रश करते समय करीब 15 से 20 सेंटीमीटर लंबा टूथब्रश अचानक बुजुर्ग के गले में गहराई तक फंस गया। घटना के बाद बुजुर्ग को सांस लेने और बोलने में काफी परेशानी होने लगी। गंभीर स्थिति में परिजन उन्हें तत्काल राजकीय उप जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोगराज जी ने बताया कि मरीज सुरेंद्र (65) को अस्पताल लाए जाने के बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉ. जितेंद्र और मेडिकल टीम ने बिना समय गंवाए आपातकालीन उपचार शुरू किया। गले में ब्रश के गहराई तक फंसे होने के कारण स्थिति काफी संवेदनशील थी और किसी भी तरह की जल्दबाजी से मरीज को अंदरूनी चोट पहुंचने का खतरा था।
मरीज को तत्काल राहत दिलाने के लिए मेडिकल टीम ने सबसे पहले करीब 15 मिनट तक हेमलिच मैनुवर (Heimlich Maneuver) तकनीक का इस्तेमाल किया। हालांकि टूथब्रश गले में काफी अंदर तक फंसा हुआ था, जिसके कारण इस प्रयास से उसे बाहर नहीं निकाला जा सका।
इसके बाद डॉक्टरों ने विशेष सावधानी के साथ फोरसेप्स की मदद से टूथब्रश को पकड़कर बाहर निकालने का प्रयास किया। लेकिन ब्रश की लंबाई और गले में उसकी स्थिति के कारण यह प्रयास भी सफल नहीं हो पाया।
डायरेक्ट लेरिंजोस्कोप से मिली सफलता
लगातार प्रयासों के बाद डॉक्टरों ने डायरेक्ट लेरिंजोस्कोप (Direct Laryngoscope) की मदद लेने का निर्णय किया। इस उपकरण की सहायता से डॉक्टरों ने गले और श्वासनली के मार्ग को स्पष्ट रूप से देखा और टूथब्रश की स्थिति को समझते हुए उसे बेहद सावधानी से बाहर निकाला।
मेडिकल टीम की सावधानी और बेहतर समन्वय के चलते टूथब्रश को बिना किसी गंभीर अंदरूनी चोट के सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया। ब्रश बाहर निकलते ही बुजुर्ग ने राहत की सांस ली और उनकी सांस लेने तथा बोलने में हो रही परेशानी भी दूर होने लगी।

हालत स्थिर होने पर अस्पताल से मिली छुट्टी
टूथब्रश निकालने के बाद चिकित्सकों ने मरीज को निगरानी में रखा और उसकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार जांच की। जांच के बाद मरीज की हालत सामान्य और स्थिर पाई गई। इसके बाद आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी पूरी होने पर सुरेंद्र को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इस पूरी घटना में राजकीय उप जिला अस्पताल की मेडिकल टीम की तत्परता और सूझबूझ महत्वपूर्ण रही। समय पर अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों द्वारा तत्काल उपचार शुरू किए जाने से किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सका। मरीज के परिजनों ने भी समय पर उपचार और सफलतापूर्वक टूथब्रश निकालने के लिए डॉ. जितेंद्र सहित अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों का आभार जताया।
REPORTING ; MOTI JANGID

