जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव की मतगणना सोमवार, 14 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू हुई। जैसे-जैसे वार्डों के नतीजे सामने आ रहे हैं, प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। शुरुआती रुझानों और घोषित परिणामों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) कई क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए नजर आ रही है, जबकि कांग्रेस भी कई वार्डों में मजबूत मुकाबला दे रही है।

राजस्थान में इस बार 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाओं, यानी कुल 309 नगरीय निकायों में चुनाव कराया गया है। इन निकायों के हजारों वार्डों में पार्षद पद के लिए प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद थी। मतदान 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में कराया गया था और 14 सितंबर को मतगणना शुरू हुई।
BJP कई इलाकों में आगे
मतगणना के शुरुआती दौर में भाजपा ने कई शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत दिखाई है। कई वार्डों में भाजपा प्रत्याशियों की जीत घोषित हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में सीटों पर पार्टी आगे चल रही है। कांग्रेस भी मुकाबले में बनी हुई है और कई वार्डों में उसके प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।
जयपुर नगर निगम के नतीजे खास तौर पर चर्चा में हैं। उपलब्ध नतीजों के अनुसार जयपुर के 150 वार्डों में भाजपा ने 95 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 43 वार्डों में सफलता मिली। बाकी वार्डों में अन्य दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन सामने आया है।

राजस्थान के बड़े शहरों में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कोटा में शुरुआती मतगणना के दौरान भाजपा आगे दिखाई दी, जबकि कांग्रेस ने भी कुछ वार्डों में जीत दर्ज की है। वहीं बीकानेर में भी भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशियों के जीतने की खबरें सामने आई हैं।
उदयपुर में घोषित शुरुआती वार्ड परिणामों में भी भाजपा ने बढ़त बनाई है। इससे संकेत मिल रहा है कि प्रदेश के कई प्रमुख शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में अपना समर्थन दिखाया है, हालांकि पूरे प्रदेश की तस्वीर सभी वार्डों के अंतिम परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
निर्दलीय प्रत्याशियों की भी अहम भूमिका
निकाय चुनाव में कई जगह निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। स्थानीय चुनावों में उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि, स्थानीय मुद्दे और वार्ड स्तर पर पकड़ काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में कुछ निकायों में निर्दलीय पार्षदों की संख्या बहुमत के समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
यही वजह है कि पार्षदों के नतीजे आने के बाद अब सभी की नजरें नगर निगम महापौर, नगर परिषद सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव पर भी रहेंगी। इन पदों के चुनाव की प्रक्रिया अलग चरण में होगी।
309 निकायों के नतीजों पर सबकी नजर
राजस्थान के निकाय चुनाव को प्रदेश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन चुनाव परिणामों से भाजपा और कांग्रेस दोनों को शहरों में अपनी राजनीतिक स्थिति का अंदाजा मिलेगा। खासकर बड़े शहरों में किस पार्टी को कितने वार्डों में सफलता मिलती है, यह आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।
फिलहाल मतगणना जारी है और अलग-अलग जिलों से लगातार परिणाम सामने आ रहे हैं। इसलिए शुरुआती आंकड़ों में बदलाव संभव है। पूरी तस्वीर सभी वार्डों की मतगणना पूरी होने और आधिकारिक परिणाम जारी होने के बाद ही साफ होगी।

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की मुख्य बातें
- कुल 309 नगरीय निकायों में चुनाव।
- इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं शामिल।
- मतदान 9 और 11 सितंबर 2026 को हुआ।
- मतगणना 14 सितंबर 2026 को शुरू हुई।
- शुरुआती रुझानों में भाजपा बढ़त पर, कांग्रेस कई जगह मजबूत मुकाबले में।
- जयपुर में भाजपा ने 150 में से 95 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 43 वार्ड मिले।
- कई स्थानों पर निर्दलीय प्रत्याशी भी महत्वपूर्ण भूमिका में।
- निकाय प्रमुखों के चुनाव को लेकर अगला चरण महत्वपूर्ण रहेगा।
REPORTING ; MOTI JANGID

