जयपुर । राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों की 14 ऐतिहासिक हवेलियों को यूनेस्को की टेंटेटिव (Tentative) सूची में शामिल किया गया है। यह भविष्य में इन्हें यूनेस्को विश्व धरोहर (World Heritage Site) का दर्जा मिलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

शेखावाटी की हवेलियां अपनी भव्य वास्तुकला, रंग-बिरंगे भित्ति चित्रों और अनूठी कलात्मक शैली के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। 100 वर्ष से अधिक पुरानी ये हवेलियां राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
यूनेस्को की संभावित सूची में डूंडलोद, फतेहपुर, अलसीसर, बिसाऊ, चूरू, झुंझुनूं, खेतड़ी, लक्ष्मणगढ़, नवलगढ़, मंडावा, महनसर, रामगढ़ और सीकर की ऐतिहासिक हवेलियों को शामिल किया गया है।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि शेखावाटी की हवेलियों की दीवारों पर बने भित्ति चित्र उस समय के सामाजिक जीवन, संस्कृति, परंपराओं और कला को जीवंत रूप में दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
रिपोर्टिंग – विरेन्द्र
शेखावाटी की 14 ऐतिहासिक हवेलियां यूनेस्को की संभावित सूची में

