
जयपुर: रक्षाबंधन 2026 जेलों में बंद भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, अपराध से तौबा करने का लिया वचन
जयपुर: जयपुर/धौलपुर/अलवर/भरतपुर. प्रदेश भर में भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जा रहा है. इसी कड़ी में जयपुर सेंट्रल जेल, धौलपुर जिला जेल, भरतपुर एवं अलवर केंद्रीय कारागृह में रक्षाबंधन पर भावुक करने वाला माहौल दिखा, जब बंदी भाइयों की कलाई पर उनकी बहनों ने राखी बांधी| बहनों ने सलाखों के पीछे से अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी| जल्द रिहाई की प्रार्थना की और भाई से आगे कोई गलती नहीं करने का वादा लिया. रक्षाबंधन पर जेल प्रशासन ने कैदियों और उनके परिजनों की मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्थाएं की|
तीन स्तरीय सुरक्षा जांच के बाद प्रवेश:
जयपुर सेंट्रल जेल में आज सुबह से ही अपने भाइयों को राखी बांधने आने वाली महिलाओं की भीड़ उमड़ी| उन्हें कड़ी सुरक्षा जांच के बाद भीतर प्रवेश दिया गया| जेल अधीक्षक डॉ. अभिषेक शर्मा ने बताया, रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह से जुड़ा भावनात्मक त्योहार है| जेल में बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सके| इसके लिए खास इंतजाम किए गए हैं| बंदियों की बहनों को तीन स्तरीय सुरक्षा जांच के बाद भीतर प्रवेश दिया जा रहा है| बाहर आरएसी स्टाफ जांच कर रहा है| बहनें भाइयों के लिए मिठाई ला रही हैं| उसकी भी जांच की जा रही है| भीतर एक किलो मिठाई दी जा रही है| भीतर जाने वाली महिलाओं की दो चरण में जांच कर उन्हें राखी बांधने के लिए भेजा जा रहा है| भाई-बहन के त्योहार के बीच बंदियों की सुरक्षा और अनुशासन का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है|
हमेशा रहती है सुधार की गुंजाइश:
जयपुर जेल अधीक्षक डॉ. अभिषेक शर्मा का कहना है कि जेल की चारदीवारी में रहने वाले बंदियों के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जुड़ी हुई हैं| ऐसे में भावनाओं से जुड़ा हुआ यह त्योहार सौहार्द्र के साथ मनाया जा सके| यही जेल प्रशासन का मकसद है| जेल सुधारात्मक संस्था की तरह काम करती है| जहां से निकलने के बाद व्यक्ति समाज की मुख्य धारा में स्थापित हो सके| इसके पीछे पहलू भी है कि जेल में रहने वाले बंदियों ने कोई भी अपराध किया हो| उसमें सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है| बंदियों के परिजनों ने कोई अपराध नहीं किया. इसलिए उनकी भावनाओं का भी सम्मान होना चाहिए|
नम आंखों के साथ बाहर निकली बहनें:
जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई बांधकर बाहर आती कई महिलाओं की आंखें नम हो गई| एक महिला ने बताया कि उन्होंने राखी बांधकर भाई के जल्द बाहर आने की प्रार्थना की| किसी भी बहन के जीवन में ऐसा दिन नहीं आए कि उसे भाई को राखी बांधने जेल तक आना पड़े| उन्होंने रक्षाबंधन पर अपने भाई से वादा लिया कि आगे से कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगा कि दुबारा यहां आना पड़े|
सुबह 9 बजे से मुलाकात शुरू:
धौलपुर में सुबह से बड़ी संख्या में कैदियों के परिजन जिला कारागार पहुंचे| बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी| मिठाई खिलाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की| धौलपुर जेल के जेलर हरबंत सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए कैदियों को बहनों से राखी बंधवाने की विशेष सुविधा दी| सुबह करीब 9 बजे से कैदियों के परिजनों को जेल में प्रवेश देना शुरू किया| मुलाकात की व्यवस्था शाम तक जारी रहेगी|
सुरक्षा जांच के बाद प्रवेश:
धौलपुर जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई| जेल में प्रवेश से पहले प्रत्येक परिजन की पहचान सुनिश्चित की गई| निर्धारित सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया| कैदियों के लिए परिजन जो मिठाई और अन्य सामग्री लेकर पहुंचे, उसकी भी बारीकी से जांच की गई|
राखी बांधते समय छलकी आंखें:

रक्षाबंधन के दौरान कई बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधते समय भावुक नजर आईं| सलाखों के पीछे बंद भाइयों को देखकर बहनों की आंखों में आंसू छलक पड़े| बहनों ने भाइयों से कहा कि वे अपने पुराने अपराधों को पीछे छोड़कर भविष्य में सही रास्ते पर चलें और परिवार के साथ सम्मानपूर्वक जीवन बिताएं| बहनों ने राखी को भाई के लिए प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक के साथ-साथ अपराध से दूर रहने और नई शुरुआत करने के संकल्प का प्रतीक भी बनाया| भाइयों ने बहनों को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में किसी भी गलत गतिविधि से दूर रहकर बेहतर जीवन जीने का प्रयास करेंगे|
अलवर में कलाई पर बांधी राखी…कराया मुंह मीठा:
उधर, अलवर केंद्रीय कारागृह में रक्षा सूत्र ने सलाखों की दूरी को कुछ देर के लिए कम कर दिया| जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें कारागृह परिसर पहुंचीं| बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनका मुंह मीठा करा कर भाई-बहन के इस रिश्ते की खुशियां साझा की| सलाखों के पीछे कई भाई भावुक नजर आए, जबकि भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के बाद बहनों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी| जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की माकूल दिखाई दी|
महिला पुलिसकर्मी रखी तैनात:
केंद्रीय कारागृह अलवर के अधीक्षक शिवेन्द्र शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर जेल परिसर में रक्षा सूत्र बांधने की विशेष व्यवस्था की गई| बंदियों की बहनों को सुरक्षा जांच के बाद कारागृह परिसर में प्रवेश दिया गया| महिलाओं की प्रवेश से पहले जांच की गई और इसके बाद भाइयों से मिलने की अनुमति दी| जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए| बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनात किया|
आसमान में छाई पतंगें, चारों ओर शोर:
अलवर जिले में रक्षाबंधन पर पतंग उड़ाई जाती है| कई दिन बाद शुक्रवार को रक्षाबंधन पर मौसम साफ रहा| इस कारण युवाओं में पतंगबाजी को लेकर दिन भर उत्साह दिखा| युवा सुबह से घरों की छतों पर साउंड सिस्टम पर फिल्मी व रक्षाबंधन के गाने बजाकर पतंग उड़ाते दिखे| अलवर में पतंगबाजी की परम्परा के चलते पतंग से बाजार अटे दिखे| अलवर शहर के मालाखेड़ा बाजार में विक्रेताओं ने नई डिजायन की पतंगें, मांझा आदि दुकानों पर सजाकर रखे थे| इस कारण बाजार में पतंग ही पतंग दिखाई दी |पतंग बाजार में सुबह से युवाओं की भीड़ रही|
भरतपुर में अपना घर पहुंचीं आईजी:
इस बीच, भरतपुर केंद्रीय कारागार में बंदी भाइयों की कलाई पर बहनों ने राखी बांधी तो अपना घर आश्रम में पुलिस महानिरीक्षक डॉ. प्रीति चंद्रा ने प्रभुजनों को राखी बांधी और मिठाई खिलाई| आश्रम में तीन हजार से अधिक प्रभुजनों की कलाई पर अपनत्व की डोर बंधी| आईजी चंद्रा ने प्रभुजनों को राखी बांधी और मिष्ठान खिलाकर प्रेम, सुरक्षा और अपनत्व का संदेश दिया| आश्रम का अवलोकन किया और प्रभुजनों से बातचीत कर उनके जीवन, स्वास्थ्य तथा आश्रम में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सेवाओं के बारे में जानकारी ली| अपना घर आश्रम के 6 हजार से अधिक प्रभुजन ने रक्षाबंधन मनाया| करीब तीन हजार बहनों ने आश्रम के प्रभुजन, सेवादार और अन्य की कलाइयों पर अपनत्व का धागा बांधा|
मिसिंग सेल से जोड़ा जाएगा आश्रम:
आईजी चंद्रा ने आश्रम में निवासरत सभी प्रभुजनों के पुलिस वेरिफिकेशन के संबंध में भी जानकारी ली| साथ ही उन्होंने आश्रम की व्यवस्था को पुलिस के मिसिंग सेल से प्रभावी रूप से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा की| चंद्रा ने कहा कि इस दिशा में आगे आवश्यक कार्रवाई और प्रयास किए जाएंगे| देखा जाएगा कि आश्रम की कार्यप्रणाली को सरकार के संबंधित पोर्टल से किस प्रकार जोड़ा जा सकता है|
600 बंदियों को राखी बंधवाने की व्यवस्था:
केंद्रीय कारागार भरतपुर में हर वर्ष की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर बंदी भाइयों को अपनी बहनों से राखी बंधवाने की विशेष व्यवस्था की गई| जेल अधीक्षक परमजीत सिंह ने बताया कि जेल के मुख्य द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहनों को बंदियों से राखी बंधवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई| जेल में करीब 600 बंदी हैं| सभी बंदियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई कि बहनें जेल पहुंचकर राखी बांध सकें| बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं|
रिपोर्टिंग : हरीश
जयपुर: रक्षाबंधन 2026 जेलों में बंद भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, अपराध से तौबा करने का लिया वचन

