बाड़मेर में दर्दनाक हादसा: अवैध खनन से बने पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो युवकों की मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
बाड़मेर। जिले की दरूड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में दो युवकों की पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं तथा अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, गड्ढों को भरने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान कृपाराम पुत्र गणेशाराम (18 वर्ष) और देवराज पुत्र किशनाराम (20 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे दोनों युवक दरूड़ा गांव के पास स्थित एक गहरे पानी भरे गड्ढे में डूब गए। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पास स्थित सेना के जवानों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह गहरा गड्ढा अवैध खनन के कारण बना था, जिसमें पिछले कई वर्षों से पानी भरा हुआ है। उनका कहना है कि करीब 13 वर्षों से इन खतरनाक गड्ढों को भरने या सुरक्षित करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया, जिससे यह हादसा हुआ।
हादसे के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाड़मेर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंचे और धरने पर बैठकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने पानी से भरे खतरनाक गड्ढों का स्थायी समाधान करने और मृतकों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता एवं न्याय देने की मांग उठाई।ग्रामीणों का कहना है कि इन गड्ढों में पहले भी कई मवेशियों की डूबने से मौत हो चुकी है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
नोट: अवैध खनन, पानी से भरे गड्ढों और हादसे के कारणों से जुड़े आरोप परिजनों एवं ग्रामीणों के दावों पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


