बाड़मेर में भारी बारिश की आशंका: पेट्रोल-डीजल, LPG सिलेंडर और गेहूं का बफर स्टॉक रखना अनिवार्य बाड़मेर में बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट, पेट्रोल-डीजल, LPG सिलेंडर और गेहूं का बफर स्टॉक अनिवार्य –
बाड़मेर: पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में संभावित भारी बारिश और आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है। जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल के निर्देश पर रसद विभाग ने पेट्रोल पंप संचालकों, एलपीजी गैस एजेंसियों और उचित मूल्य की दुकानों को आवश्यक वस्तुओं का आरक्षित भंडार बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। पेट्रोल पंपों पर रखना होगा आरक्षित ईंधन – जिला रसद अधिकारी कंवराराम ने बताया कि किसी भी आपदा या आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए ईंधन की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी पेट्रोल पंपों को न्यूनतम 5,000 लीटर डीजल और 500 लीटर पेट्रोल का अतिरिक्त आरक्षित स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आरक्षित मात्रा पेट्रोल पंपों के नियमित डेड स्टॉक से अलग होगी। आवश्यकता पड़ने पर इस ईंधन का उपयोग केवल प्रशासनिक अनुमति के बाद ही किया जा सकेगा। गैस एजेंसियों को रखना होगा 100 सिलेंडर का रिजर्व – घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए जिले की सभी एलपीजी गैस एजेंसियों को अपने गोदाम में कम से कम 100 भरे हुए गैस सिलेंडर रिजर्व रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे आपातकालीन परिस्थितियों में भी उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा सकेगी।
FCI डिपो में 1000 क्विंटल गेहूं का भंडारण – खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बाड़मेर डिपो में न्यूनतम 1000 क्विंटल गेहूं का भंडारण सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी आपदा की स्थिति में खाद्यान्न आपूर्ति बाधित न हो। राशन दुकानों पर भी लागू होंगे निर्देश – जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों को कम से कम 5 क्विंटल गेहूं का बफर स्टॉक रखने के लिए कहा गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी, भले ही मौसम या अन्य कारणों से परिवहन प्रभावित हो जाए।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई – जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। निरीक्षण के दौरान यदि कोई पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी या राशन विक्रेता निर्धारित स्टॉक बनाए रखने में लापरवाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि संभावित बारिश और आपातकालीन हालात में आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है। अगले आदेश तक यह व्यवस्था जिलेभर में लागू रहेगी।


