“रक्तरंजित राजस्थान नहीं बनने देंगे” — विधानसभा में गरजे रविन्द्र सिंह भाटी, ऑर्गेनाइज्ड क्राइम पर सरकार से मांगे सख्त कदम
“रक्तरंजित राजस्थान नहीं बनने देंगे”
जयपुर | थार तक न्यूज़ डेस्क
तारीख: 24 फरवरी, 2026
मंगलवार को राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही के दौरान शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रदेश में बढ़ती रंगदारी, ब्लैकमेलिंग और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (संगठित अपराध) का मुद्दा पूरे दम-खम के साथ उठाया।
सदन में सरकार को चेताते हुए भाटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय रहते सख्त और संगठित कार्रवाई नहीं की गई, तो राजस्थान को “रक्तरंजित राजस्थान” बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।

इस गंभीर मुद्दे पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने भी सरकार की ओर से विस्तृत जवाब पेश किया और गैंगस्टर्स के खिलाफ चल रही कार्रवाई का ब्यौरा सदन के सामने रखा।
“देश के बाहर बैठे अपराधी, जेल के अंदर से चल रही गैंग”
सदन को संबोधित करते हुए शिव विधायक ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा: ”यह वाकई गंभीर विषय है कि आज के समय में देश के बाहर बैठे हुए तमाम लोग और वो अपराधी जो जेल के अंदर बैठे हैं, गैंगों को फलने-फूलने दे रहे हैं।
डिब्बा कॉलिंग और इंटरनेट कॉलिंग की बदौलत आज हमारे अच्छे डॉक्टर, व्यवसायी और प्रतिष्ठित नागरिक धमकियां झेल रहे हैं।
“भाटी ने बताया कि स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि पीड़ित लोग डर के मारे पुलिस के पास जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “अपराधियों के हौसले इसलिए बुलंद होते जा रहे हैं क्योंकि शुरुआत में हमने प्रकरण दर्ज नहीं किए, उनके नाम छुपाए ताकि वे ग्लोरिफाई न हों, पर धीरे-धीरे उनके हौसले और बढ़ गए।
“हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज अगर किसी की परचून की दुकान भी ठीक चल रही है, तो उसे भी धमकियां मिलने लगी हैं, जिसके डर से व्यवसायी अपने प्रतिष्ठानों पर नहीं जा पा रहे हैं।
“कौन दे रहा है संरक्षण? संपत्तियां की जाएं अटैच” संगठित अपराध के पीछे काम कर रहे नेटवर्क पर सीधा सवाल खड़ा करते हुए रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि हमें यह देखना होगा कि कौन लोग इन अपराधियों की मदद कर रहे हैं।
इस प्रदेश को रक्तरंजित होने से बचाने के लिए उन्होंने सरकार के सामने प्रमुखता से ये मांगें रखीं:चुन-चुनकर कार्रवाई: अपराधियों और उनसे जुड़े लोगों को गिन-गिनकर बाहर निकाला जाए।
संपत्ति कुर्क: जो लोग इन अपराधियों को संरक्षण देते हैं, उनकी संपत्तियां तुरंत अटैच (कुर्क) की जाएं।
नाबालिगों का बचाव: नाबालिग बच्चों को अपराध के दलदल में धकेलने की प्रवृत्ति पर कठोर रोक लगाई जाए।यूपी, बिहार और मुंबई मॉडल लागू करने की मांगआमजन के भारी रोष का जिक्र करते हुए भाटी ने सरकार को अन्य राज्यों का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा, “बिहार, मुंबई और यूपी की तर्ज पर इन गैंगस्टरों का खात्मा करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
अगर एक को ठोकेंगे तो 100 लोगों में खौफ जाएगा। “सरकार का जवाब: “जंगलराज पर लगाया है अंकुश”मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने सदन को आश्वस्त किया।
उन्होंने कहा: ”मामला गंभीर है और सरकार पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में गैंगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
“गृह राज्य मंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हालांकि घटनाओं पर 100% अंकुश का दावा नहीं किया जा सकता, लेकिन पहले जो “जंगलराज” की स्थिति थी—जहां हर दूसरे दिन व्यापारियों को धमकियां, अपहरण और फायरिंग होती थी—उस पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है।
सरकार ने बताया कि इस संगठित अपराध से निपटने के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और विशेष टीमों का गठन किया गया है जो लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
