श्रीगंगानगर। घड़साना क्षेत्र में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा आंदोलन अब लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है। किसानों की ओर से अपनी मांगों को लेकर महापड़ाव शुरू कर दिया गया है। इसी बीच मंगलवार को प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच पहले दौर की वार्ता आयोजित की गई, लेकिन करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। वार्ता के बाद भी किसानों की मांगों और रेगुलेशन से जुड़ी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

व्यापार मंडल भवन में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव, पुलिस अधीक्षक हरिशंकर और अतिरिक्त जिला कलेक्टर अशोक सांगवा मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान किसानों की मांगों और क्षेत्र में चल रहे आंदोलन को लेकर बातचीत हुई।
करीब एक घंटे चली वार्ता
किसान प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच व्यापार मंडल भवन में करीब एक घंटे तक बातचीत चली। किसानों की ओर से अपनी समस्याओं और मांगों को प्रशासन के सामने रखा गया। वहीं प्रशासन की ओर से भी मौजूदा परिस्थितियों और आगे की प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई।
हालांकि, पहले दौर की वार्ता के बाद भी कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते आंदोलन को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। किसानों की ओर से महापड़ाव जारी रखने की बात सामने आ रही है।
हनुमानगढ़ में रेगुलेशन कमेटी की बैठक
इस पूरे मामले के बीच सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम हनुमानगढ़ में चल रही रेगुलेशन कमेटी की बैठक को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार हनुमानगढ़ में चीफ इंजीनियर के साथ रेगुलेशन कमेटी की समीक्षा बैठक चल रही है। इस बैठक में क्षेत्र से जुड़े रेगुलेशन और सिंचाई व्यवस्था से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि रेगुलेशन समीक्षा बैठक पूरी होने के बाद नया रेगुलेशन जारी किया जा सकता है। इसी वजह से श्रीगंगानगर प्रशासन भी बैठक के निर्णय और नए रेगुलेशन के जारी होने का इंतजार कर रहा है।

नए रेगुलेशन के बाद साफ होगी स्थिति
प्रशासनिक अधिकारियों की नजर अब हनुमानगढ़ में चल रही बैठक के नतीजे पर है। जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव और पुलिस अधीक्षक हरिशंकर भी नए रेगुलेशन के जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि रेगुलेशन जारी होने के बाद किसानों की मांगों और आंदोलन की आगामी दिशा को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
रेगुलेशन को लेकर होने वाले निर्णय का असर क्षेत्र के किसानों और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में किसान भी इस बैठक के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
महापड़ाव पर किसानों की मौजूदगी
पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद किसान महापड़ाव पर पहुंच गए हैं। आंदोलन स्थल पर किसानों की मौजूदगी बनी हुई है और अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। किसानों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर जब तक ठोस समाधान सामने नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रखने को लेकर फैसला लिया जा सकता है।

वहीं प्रशासन की ओर से भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।अब सबकी नजर किसानों और प्रशासन के बीच होने वाली अगली वार्ता पर है। साथ ही हनुमानगढ़ में चल रही रेगुलेशन कमेटी की बैठक का निर्णय भी इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि बैठक के बाद नया रेगुलेशन जारी होता है तो उसके बाद किसानों की प्रतिक्रिया सामने आएगी। इसके आधार पर आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति तय होने की संभावना है। फिलहाल घड़साना में किसान महापड़ाव पर हैं और प्रशासन रेगुलेशन से जुड़े निर्णय का इंतजार कर रहा है।
आने वाले घंटों में रेगुलेशन कमेटी की बैठक का फैसला, नया रेगुलेशन और किसानों की अगली रणनीति इस आंदोलन की दिशा तय करने वाले प्रमुख घटनाक्रम रहेंगे।
REPORTING ; MOTI JANGID

