सीकर। खाटूश्यामजी सदर थाना पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और दु*कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महज 11 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नाबालिग को भी सकुशल दस्तयाब कर लिया है। मामले में पुलिस ने तकनीकी सहायता और डिजिटल साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।

पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर को नाबालिग की दादी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। पुलिस टीम ने नाबालिग की तलाश के साथ-साथ आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और डिजिटल साक्ष्यों का सहारा लिया। उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महेश कुमार को पकड़ लिया।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान नाबालिग को भी सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई में खाटूश्यामजी सदर थाना अधिकारी अमित कुमार नागौरा के नेतृत्व में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने शिकायत मिलने के बाद बिना देरी किए जांच को आगे बढ़ाया और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश की।मामले में महिला कांस्टेबल अमरावती ने भी विशेष भूमिका निभाई। नाबालिग की सकुशल बरामदगी और मामले की जांच में महिला पुलिसकर्मी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को आईजी राहुल प्रकाश और एसपी प्रवीण नायक नूनावत के निर्देशन में अंजाम दिया गया। अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की और कम समय में आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ करने के साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। नाबालिग के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि गंभीर मामलों में तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित पुलिसिंग के जरिए आरोपियों तक जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
REPORTING; MOTI JANGID

