बाड़मेर के कई ई-मित्र केंद्रों की धीमी कार्यप्रणाली बनी लोगों की परेशानी, प्रोफेशनल सेवाओं की बढ़ी जरूरत
Barmer News: बाड़मेर जिले में डिजिटल सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कई ई-मित्र केंद्रों पर आम लोगों को आज भी छोटी-छोटी सेवाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। एक साधारण ऑनलाइन फॉर्म भरवाने में भी कई बार घंटों लग जाते हैं, जिससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ केंद्रों पर ऑपरेटरों को पोर्टल और ऑनलाइन प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होती। कई बार फॉर्म भरते समय बार-बार अलग-अलग माध्यमों से जानकारी खोजनी पड़ती है, जिससे काम की गति काफी धीमी हो जाती है। अंत में कई ग्राहकों को यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि वे किसी दूसरे ई-मित्र केंद्र से अपना काम करवाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए ई-मित्र केंद्रों पर प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ होना आवश्यक है। यदि ऑपरेटरों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए और आधुनिक कार्यप्रणाली अपनाई जाए, तो नागरिकों का समय बचेगा और सेवा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
बाड़मेर में अब ऐसे आधुनिक ई-मित्र केंद्रों की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जहां प्रशिक्षित स्टाफ, तेज़ सेवा और ग्राहक संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। इससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी और ऐसे केंद्र संचालित करने वालों के लिए भी बेहतर व्यावसायिक अवसर बन सकते हैं।
नोट: यह लेख किसी व्यक्ति या किसी विशेष ई-मित्र केंद्र पर टिप्पणी नहीं है, बल्कि व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से लिखा गया है। उद्देश्य केवल सेवा गुणवत्ता में सुधार और ग्राहकों को बेहतर अनुभव दिलाना है।

