काठाड़ी संस्कृत विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था बदहाल, 165 छात्रों का भविष्य 1 शिक्षक के भरोसे!
स्वीकृत 17 पदों में से 14 रिक्त, अब दो और शिक्षकों के तबादले से संकट गहराया अभिभावकों ने दी सामूहिक टीसी की चेतावनी काठाड़ी (सिवाना)।राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय काठाड़ी में शिक्षकों की भारी कमी से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। विद्यालय में स्वीकृत 17 पदों में से पहले ही 14 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। वहीं अब कार्यरत शिक्षकों में से भी दो शिक्षकों का स्थानांतरण होने से विद्यालय में पढ़ाई का संकट और गहरा गया है।कक्षा 12वीं” तक संचालित इस विद्यालय में करीब 165 छात्र-छात्राओं का भविष्य मात्र एक शिक्षक के भरोसे रह गया है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए एक शिक्षक से नियमित कक्षाएं संचालित करना संभव नहीं है।
अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने दोनों स्थानांतरित शिक्षकों का तबादला रोकने की मांग करते हुए शिक्षा विभाग और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ेगा। पहले भी उठ चुका है बड़ा आंदोलन विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर पिछले सत्र में भी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
अब हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि “अभिभावकों ने सामूहिक टीसी लेने की चेतावनी तक दे दी है।” ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें अपने बच्चों का भविष्य बचाने के लिए यह कदम उठाना पड़ेगा। सरकार से सवाल — आखिर कब तक चलेगी ऐसी शिक्षा व्यवस्था? एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर काठाड़ी जैसे विद्यालय में स्वीकृत पदों का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समय रहते शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन को मजबूती दी जाएगी।


