पंजाब में नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में हथियार तस्करी का खुलासा
अमृतसर: नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में चल रहा था हथियार तस्करी का नेटवर्क, दो आरोपी गिरफ्तार, 7 विदेशी पिस्तौल बरामदअमृतसर, 02 जुलाई 2026। पंजाब के अमृतसर में कमिश्नरेट पुलिस ने हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई में सात विदेशी पिस्तौल, सात मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बरामद हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में पहुंचाए गए थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी एक संगठित गिरोह के लिए काम कर रहे थे और पंजाब के विभिन्न आपराधिक तत्वों तक हथियार पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल गुरबाज सिंह एक नशा मुक्ति केंद्र भी संचालित कर रहा था।
ड्रोन के जरिए पहुंचते थे हथियार – अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डीसीपी रविंदर पाल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरनतारन जिले के गांव सुर सिंह निवासी सुरजीत सिंह उर्फ राणा (33) और भाई मंझ सिंह क्षेत्र निवासी गुरबाज सिंह (26) के रूप में हुई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी हथियारों की खेप पहुंचाने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर विशेष नाकाबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से सात विदेशी पिस्तौल, सात मैगजीन और 40 कारतूस बरामद किए गए।
गैंगस्टरों तक पहुंचाए जाते थे हथियार – पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में थे और पंजाब के गैंगस्टर नेटवर्क को हथियार उपलब्ध कराने का काम करते थे। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से सीमा पार भेजे गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
पहले भी दर्ज है आपराधिक मामला – जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी सुरजीत सिंह उर्फ राणा के खिलाफ अगस्त 2025 में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी का मामला दर्ज किया गया था। उस मामले में भी पुलिस उसे तलाश रही थी। उसके सहयोगी के कब्जे से उस समय करीब पांच हजार नशीली गोलियां बरामद हुई थीं।
नशा मुक्ति केंद्र की फंडिंग की होगी जांच – पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुरबाज सिंह द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र की गतिविधियों और वित्तीय स्रोतों की भी जांच कराई जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि केंद्र के संचालन के लिए धन कहां से आ रहा था और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय को भी पत्र भेजा जा रहा है। साथ ही दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों और लोकेशन डेटा की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है और जांच लगातार जारी है।
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