25 हजार का इनामी ड्रग्स तस्कर जालम सिंह गिरफ्तार
जालोर में ANTF की बड़ी कार्रवाई: 6 महीने से फरार 25 हजार का इनामी ड्रग्स तस्कर जालम सिंह गिरफ्तार
जालोर, 29 जून 2026। राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने “ऑपरेशन मदमलज़” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले छह महीनों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी ड्रग्स तस्कर जालम सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी मूल रूप से बालोतरा जिले के सिवाना क्षेत्र के कुडल गांव का निवासी है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचता फिर रहा था। मजदूरी से शुरू हुआ सफर, फिर बना एमडी ड्रग्स सप्लायर
ANTF के आईजी विकास कुमार के अनुसार जालम सिंह अधिक पढ़ा-लिखा नहीं था।
वर्षों पहले वह मजदूरी करने गुजरात के हिम्मतनगर गया था, जहां करीब 16 वर्षों तक बारदाने के काम से जुड़ा रहा। इसी दौरान उसकी पहचान ऐसे लोगों से हुई जिन्होंने उसे नशे के अवैध कारोबार में शामिल कर लिया। जांच में सामने आया कि वह एमडी ड्रग्स खरीदकर उसमें अन्य पाउडर मिलाकर मात्रा बढ़ाता था और फिर गुजरात के हिम्मतनगर व आसपास के इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।
धीरे-धीरे वह बड़े स्तर का सप्लायर बन गया और क्षेत्र में अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया।
छह महीने पहले पकड़ा गया था साथी तस्करकरीब छह माह पहले ANTF ने भीनमाल क्षेत्र में एक युवक को मादक पदार्थों की तस्करी करते गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि बरामद एमडी ड्रग्स जालम सिंह तक पहुंचाई जानी थी। उसी समय जालम सिंह भी भीनमाल पहुंचा हुआ था, लेकिन साथी की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही वह मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस जांच में उसका नाम सामने आया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
गुजरात और महाराष्ट्र में बदलता रहा ठिकाने – पुलिस से बचने के लिए जालम सिंह ने राजस्थान आना-जाना लगभग बंद कर दिया। वह गुजरात और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों जैसे वलसाड, सूरत, मुंबई, ठाणे और पुणे में लगातार ठिकाने बदलता रहा। सबसे खास बात यह रही कि फरारी के दौरान उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी लगभग बंद कर दिया था। परिवार से संपर्क करने के लिए वह अन्य लोगों के फोन का उपयोग करता था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके। भेष बदलकर आता था राजस्थान – जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने गांव और परिवार से मिलने के लिए समय-समय पर राजस्थान आता था, लेकिन पहचान छिपाने के लिए भेष बदल लेता था।
उसने अपने भाई के नाम से थापन गांव में एक होटल भी शुरू करवाई थी, जहां वह कभी-कभार पहुंचकर कारोबार की जानकारी लेता और फिर वापस निकल जाता था। ग्राहक बनकर ANTF ने रचा जाल – काफी समय तक आरोपी का सुराग नहीं मिलने पर ANTF ने नई रणनीति अपनाई। टीम ने जालम सिंह के एक सहयोगी तस्कर से ग्राहक बनकर संपर्क किया और बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स खरीदने की इच्छा जताई। साथ ही उसे राजस्थान में बड़े नेटवर्क की पार्टनरशिप का लालच दिया गया। इस प्रस्ताव के बाद सहयोगी तस्कर ने जालम सिंह से संपर्क किया और उसकी राजस्थान वापसी की जानकारी ANTF तक पहुंच गई। नाम बदलकर बस में कर रहा था सफर – सूचना मिलने पर ANTF टीम ने महाराष्ट्र से राजस्थान आने वाली बसों पर निगरानी शुरू कर दी।
भीनमाल और रानीवाड़ा के बीच कागमाला टोल प्लाजा पर नाकाबंदी की गई। मलीनाथ ट्रेवल्स की एक बस में संदिग्ध की मौजूदगी की सूचना थी, लेकिन यात्री सूची में जालम सिंह का नाम नहीं मिला। इसके बावजूद टीम को अपनी सूचना पर भरोसा था। जब बस में मौजूद यात्रियों के पहचान पत्रों की जांच की गई तो एक व्यक्ति ने खुद को “जगदीश” बताया। दस्तावेजों की गहन जांच के दौरान उसकी असल पहचान सामने आ गई और वह जालम सिंह निकला।
इसके बाद ANTF ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी चोट – ANTF अधिकारियों का कहना है कि जालम सिंह की गिरफ्तारी राजस्थान और गुजरात में फैले ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है। अब उससे पूछताछ कर उसके अन्य साथियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।


