
राजस्थान दिवस पर प्रशासन की लापरवाही
#बाड़मेर राजस्थान दिवस मैराथन दौड़ में बाट दिए एक्सपायरी बिस्किटजिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही,दौड़ में शामिल हजारों युवाओं को अल्पाहार के नाम पर एक्सपायरी डेट के थमाए बिस्किट,एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने पैकेट पर तारीख देखी तो मौके पर हुआ बड़ा हंगामा,विरोध बढ़ता देख प्रशासन ने जल्दबाजी में बिस्किट वितरण कराया बंदअधिकारियों की मौजूदगी में हजारों युवाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़, दौड़ में जिला प्रशासन ने युवाओं को बुलाकर किया सीधा विश्वासघात,
बाड़मेर: राजस्थान दिवस (Rajasthan Day) के उपलक्ष्य में आयोजित मैराथन दौड़ में बाड़मेर जिला प्रशासन की एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है।
स्वास्थ्य और फिटनेस का संदेश देने के लिए आयोजित इस दौड़ में प्रशासन ने हजारों युवाओं के स्वास्थ्य के साथ ही खिलवाड़ कर दिया।
दौड़ के बाद अल्पाहार के रूप में युवाओं को एक्सपायरी डेट (Expired Biscuits) के बिस्किट थमा दिए गए।खिलाड़ियों ने पकड़ी गलती, मौके पर भारी हंगामामैराथन में हिस्सा लेने आए एथलेटिक्स खिलाड़ियों और युवाओं ने जब रिफ्रेशमेंट के तौर पर मिले बिस्किट के पैकेट पर एक्सपायरी तारीख देखी, तो उनके होश उड़ गए।
इसके बाद मौके पर बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। खिलाड़ियों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे उनके स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ और विश्वासघात बताया।
विरोध बढ़ता देख आनन-फानन में रोका वितरणकार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी चूक होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
मौके पर मौजूद हजारों युवाओं का गुस्सा और विरोध बढ़ता देखकर प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
अपनी इस बड़ी लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए प्रशासन ने जल्दबाजी में तुरंत प्रभाव से बिस्किट का वितरण बंद करवा दिया।इस बड़ी खबर की मुख्य बातें (Key Highlights):
गंभीर चूक: अधिकारियों की मौजूदगी में हजारों युवाओं के स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़।
हंगामा: एथलेटिक्स खिलाड़ियों द्वारा एक्सपायरी डेट देखने के बाद कार्यक्रम स्थल पर भारी आक्रोश।
प्रशासनिक लीपापोती: बढ़ते विरोध के बाद प्रशासन ने घबराहट में बिस्किट बांटना तुरंत रोका।विश्वासघात का आरोप: युवाओं का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें दौड़ में बुलाकर उनके भरोसे को तोड़ा है।
सवालों के घेरे में खाद्य सुरक्षा और प्रशासनयह घटना केवल एक लापरवाही नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर यह दिखाती है कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता (Food Safety Check) की कोई जांच नहीं की गई।
थार तक न्यूज़ और स्थानीय जनता अब इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में युवाओं के स्वास्थ्य के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो।
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